सतपाल महाराज प्रकरण: परिवार को डिस्चार्ज करने में नियम आए आड़े, बेटे ने नहीं माना होम क्वारंटीन
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कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद एम्स ऋषिकेश में भर्ती उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के परिवार के पांच सदस्यों को डिस्चार्ज करने में नियम आड़े आए। एम्स ने राज्य में प्रभावी गाइडलाइन की जानकारी के बिना उन्हें केंद्रीय गाइडलाइन के हिसाब से डिस्चार्ज कर दिया। जबकि प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव को घर में क्वारंटीन रहकर स्वास्थ्य लाभ देने की व्यवस्था अभी प्रभावी नहीं है। बता दें कि सोमवार की शाम एम्स ने महाराज के परिवार के पांच सदस्यों को डिस्चार्ज किया था।
एम्स से बीते सोमवार को डिस्चार्ज किए गए पर्यटन मंत्री के परिजनों को दोबारा एम्स में भर्ती किया गया। एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत के स्टाफ ऑफिसर डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि पयर्टन मंत्री के पांच परिजनों को ए-सिम्टमेटिक होने के चलते केंद्रीय स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय की रिवाइज गाइड लाइन के मद्देनजर उनके होम क्वारंटीन की समुचित व्यवस्था में रहने की बात पर डिस्चार्ज कर दिया था। इसके लिए उनके परिजनों द्वारा आग्रह किया गया था। उन्होंने बताया कि इसके बाद पता चला कि घर पर होम क्वारंटीन की समुचित व्यवस्था नहीं है। लिहाजा उन्हें वापस एम्स में भर्ती किया गया।
खुद महाराज के बेटे ने नियम को ताक पर रख दिया
पौड़ी में मंत्री के घर पर प्रशासन ने 20 मई से तीन जून तक होम क्वारंटीन का नोटिस चस्पा किया था। लेकिन खुद महाराज के बेटे ने नियम को ताक पर रख दिया। वह तीन दिन न केवल विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल में रहे, बल्कि कार्यकर्ताओं की बैठक भी ली। ब्लॉक पेखड़ा के पूर्व प्रमुख सुरेंद्र सिंह रावत के मुताबिक महाराज के बेटे सुयश बीती 26 से 28 मई को क्षेत्र में रहे। उन्होंने सैडियाखाल में कार्यकर्ताओं की बैठक भी ली।
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने अगर ट्रेवल हिस्ट्री छिपाई है तो यह प्रशासन और जांच एजेंसियों पर भी बड़ा सवाल है। मंत्री के होम क्वारंटीन का उल्लंघन कर मंत्रिमंडल की बैठक में आने के आरोपों पर सरकार ने उन्हेंं क्लीन चिट दी है।
पर्यटन मंत्री के संपर्क में आए अफसर-कर्मचारी हुए क्वारंटीन
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद बीते दिनों हुई कैबिनेट की बैठक में शामिल मंत्रियों और अफसरों को चाय, बिस्कुट आदि देने वाले जीएमवीएन के तीन लोगों को होम क्वांरटीन किया जाएगा। रेपिड रिस्पांस टीम के असेसमेंट के बाद जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने तीनों को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन करने का आदेश दिया है।
कर्मचारी क्वारंटीन में पर्यटन विकास परिषद के काम ठप
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के कर्मचारी मंगलवार से खुद तीन दिन के क्वारंटीन में चले गए हैं। इससे गढ़ी कैंट स्थित कार्यालय में सन्नाटा पसरा है। विभागीय कामकाज भी ठप है। पर्यटन मंत्री के कोरोना पॉजिटिव आने से बाद से कर्मचारी भी संक्रमण फैलने से डरे हुए हैं। अराजपत्रित पर्यटन कर्मचारी संघ ने सोमवार को निदेशक पर्यटन को दो से चार जून तक क्वांरटीन में रहने का ज्ञापन सौंपा था।
वहीं पर्यटन मंत्री के कोरोना संक्रमित निकलने के बाद गोपन विभाग के पांच अधिकारी भी सेल्फ क्वारंटीन हो गए हैं। 29 मई को हुई कैबिनेट बैठक में ये सभी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल थे।
सेल्फ क्वारंटीन मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री घर से ही निपटा रहे काम
कैबिनेट मंत्री के संक्रमित पाए जाने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सेल्फ क्वारंटीन में हैं। वह किसी से मुलाकात नहीं कर रहे हैं। घर से ही शासकीय कामकाज कर रहे हैं और फाइलों का निस्तारण कर रहे हैं। उन्होंने अपने पहले तय सभी कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया है। उनसे मिलने वालों पर पूरी तरह रोक है। हालांकि वह फोन पर उपलब्ध हैं।
वहीं कृषि मंत्री सुबोध उनियाल यमुना कॉलोनी स्थित अपने सरकारी आवास मेंं सेल्फ क्वारंटीन हैं। वह आवास में अकेले हैं। वह भी फोन पर उपलब्ध हैं। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिन सेल्फ क्वारंटीन में दिनभर फोन पर व्यस्त रहे। उन्होंने व्हाट्सएप पर सवालों का जवाब दिया। फोन पर संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का समाधान फोन पर किया।
मंत्री हरक सिंह रावत ने सेल्फ क्वारंटीन में फोन पर विभागीय मसले निपटाए। वह अपने कोटद्वार स्थित आवास में हैं। उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए विभागीय योजनाओं की जानकारी ली और अधिकारियों से काम तेज गति से करने को कहा।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने सेल्फ क्वारंटीन हुए मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों से फोन पर बात की। उनका हालचाल जाना और कुशलक्षेम ली।