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श्रीनगर: जन्मदिन की होनी थी तैयारी, लेकिन शमशान घाट पर हुआ अंतिम संस्कार, पढ़ें, छात्र ने क्यों किया सुसाइड
Mon, 14 Feb 2022 05:48 PM IST
रेनू सकलानी
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर
Published by: रेनू सकलानी
Updated Mon, 14 Feb 2022 05:48 PM IST
सार
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में एमबीबीएस के छात्र का सोमवार को जन्मदिन था। और उसी दिन अलकेश्वर घाट पर गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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suicide
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के छात्रावास में एक छात्र का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पंखे के हुक से लटका मिला। सोमवार को छात्र का जन्मदिन था और उसी दिन अलकेश्वर घाट पर गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया। रुद्रप्रयाग जिले के जलई गांव (ऊखीमठ) निवासी हिमांशु (21) पुत्र प्रेम प्रकाश आर्य मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र था।
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वह कॉलेज परिसर मेें स्थित छात्रावास में एक अन्य साथी के साथ रहता था। सोमवार को हिमांशु का जन्मदिन था। हिमांशु का साथी अन्य दोस्तों के साथ रविवार शाम को उसके लिए केक लेने चला गया। जब वह वापस आए, तो कमरा बंद मिला। काफी देर दरवाजा खटखटाने के बाद जब उसने दरवाजा नहीं खोला, तब उसके दोस्तों ने रोशनदान से झांक के देखा तो हिमांशु रस्सी के सहारे पंखे के हुक से लटका मिला।
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हिमांशु के पिता चीफ फार्मासिस्ट, माता शिक्षिका
हिमांशु के दोस्त दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। उन्होंने आनन-फानन में उसको उतारा और मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। हिमांशु के पिता गैरसैंण के सरकारी अस्पताल में चीफ फार्मासिस्ट और माता शिक्षिका हैं।
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तनाव में आत्महत्या की जताई जा रही आशंका
सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। एसएसआई रणवीर रमोला के अनुसार, तीन डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम किया। सोमवार को श्रीनगर अलकेश्वर घाट पर मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान हिमांशु के साथियों की आंखें भर आईं।
अंदेशा जताया जा रहा है कि हिमांशु ने तनाव में आत्महत्या की है। कुछ दिन पूर्व उसकी प्रथम वर्ष (प्रोफेशनल) की परीक्षा हुई थी। तीन पेपरों में से दो में उसे बैठने नहीं दिया गया। उसने एकमात्र पेपर की परीक्षा दी, इसमें भी बैक आ गई। हालांकि प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने इससे इनकार किया है।
उन्होंने बताया कि मेडिकल की पढ़ाई में फेल होना या बैक आना आम बात है। उनकी हिमांशु के अभिभावकों से बात हुई है, जिसमें यह सामने आया है कि उसका विभिन्न स्थानों से मानसिक अवसाद का इलाज चल रहा था। ऐसेे में हिमांशु की आत्महत्या करने की अन्य वजह हो सकती है।
अंदेशा जताया जा रहा है कि हिमांशु ने तनाव में आत्महत्या की है। कुछ दिन पूर्व उसकी प्रथम वर्ष (प्रोफेशनल) की परीक्षा हुई थी। तीन पेपरों में से दो में उसे बैठने नहीं दिया गया। उसने एकमात्र पेपर की परीक्षा दी, इसमें भी बैक आ गई। हालांकि प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने इससे इनकार किया है।
उन्होंने बताया कि मेडिकल की पढ़ाई में फेल होना या बैक आना आम बात है। उनकी हिमांशु के अभिभावकों से बात हुई है, जिसमें यह सामने आया है कि उसका विभिन्न स्थानों से मानसिक अवसाद का इलाज चल रहा था। ऐसेे में हिमांशु की आत्महत्या करने की अन्य वजह हो सकती है।