मिशन 2019: भाजपा के इस प्रत्याशी को आजादी के बाद मिली सबसे बड़ी जीत
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2014 की मोदी लहर में भाजपा को अल्मोड़ा लोकसभा सीट पर करीब 95 हजार से अधिक मतों से जीत हासिल हुई थी। तब खुद मोदी अल्मोड़ा आए थे। इस बार प्रधानमंत्री मोदी ने अल्मोड़ा लोकसभा क्षेत्र में किसी जनसभा को भी संबोधित नहीं किया और चुनाव प्रचार की कमान मुख्य रूप से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संभाली थी। सीएम रावत ने लोकसभा क्षेत्र में 10 जनसभाओं को संबोधित किया था।
भाजपा प्रत्याशी अजय टम्टा, सीएम रावत सहित अन्य स्टार प्रचारकों ने मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के नाम पर ही वोट मांगे थे। मोदी के असर के चलते लोग भाजपा की जीत की अधिक संभावना मान रहे थे पर जीत का अंतर बहुत अधिक नहीं माना जा रहा था। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की शहादत के बाद 1984 की सहानुभूति लहर में भी तत्कालीन कांग्रेस प्रत्याशी हरीश रावत एक लाख 40 हजार 332 मत से जीते थे।
यह रहे जीत के कारण
- एअर स्ट्राइक के बाद मतदाताओं ने राष्ट्रवाद से प्रेरित होकर भाजपा के पक्ष में जमकर मतदान किया।
- एअर स्ट्राइक के कुछ ही दिनों बाद उत्तराखंड में पहले चरण में मतदान होना भी भाजपा के पक्ष में रहा।
- कपड़ा राज्य मंत्री को प्रत्याशी बनाने का फैसला सही रहा। टम्टा खासे सक्रिय रहे और लोगों का विश्वास जीतने में कामयाब रहे।
- इस सीट पर सीएम से लेकर अन्य नेताओं ने फोकस किया, मोदी का समर्थन भी यहां खासा रहा।
-भाजपा ने बेहतर सांगठनिक क्षमता का परिचय दिया।
यह रहे कांग्रेस की हार के कारण
- कांग्रेस संगठन के रूप में सक्रिय नहीं हो पाई।
- कांग्रेस अपने प्रत्याशी प्रदीप टम्टा के पक्ष में स्टार प्रचारकों को मैदान में नहीं उतार पाई, हालांकि यहां राहुल की एक रैली हुई थी।
2.32 लाख वोटों से जीते अजय टम्टा
भाजपा अजय टम्टा - चार लाख 44 हजार 651
कांग्रेस प्रदीप टम्टा - दो लाख 11 हजार 665
उक्रांद केएल आर्य - 4060
बसपा सुंदर धौनी - 10 हजार 190
नोटा - 15 हजार 505
कुल 6 लाख 99 हजार 807 मतों में से 5 हजार 335 मत निरस्त