Uttarakhand Lockdown: टेलीमेडिसिन के जरिए फोन पर डॉक्टर से उपचार लेने वाले मरीजों को नहीं मिल पा रही दवा
- बिना डॉक्टर के पर्चे के दवा नहीं दे रहे केमिस्ट, मरीज परेशान
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टेलीमेडिसिन के जरिए फोन पर डॉक्टर से उपचार लेने वाले मरीजों को दवा नहीं मिल पा रही है। सरकार के निर्देश के बाद शहर के अधिकांश केमिस्ट बिना पर्चे के दवाई नहीं बेच रहे हैं। इसके चलते कई बीमार लोगों को जरूरी दवा नहीं मिल पा रही है।
इन दिनों सरकार का पूरा फोकस कोरोना से निपटने पर है। सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर भी कोरोना से लड़ाई में जुटे हुए हैं। इस दौरान अन्य मरीजों को किसी तरह की दिक्कत ना हो सरकार ने उन्हें टेलीमेडिसिन की सुविधा दी है। इसके लिए डॉक्टरों के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं। मरीज इन नंबरों पर संपर्क कर डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।
इस दौरान डॉक्टर मरीजों को जरूरी दवाएं भी बता रहे हैं। लेकिन जब मरीज उन दवाओं को लेने के लिए केमिस्ट के पास पहुंचता है तो वहां से उसे निराश लौटना पड़ रहा है। सरकार ने टेलीमेडिसिन के साथ एक अन्य आदेश भी जारी किया है, जिसके अनुसार कोई भी केमिस्ट बिना डॉक्टर के पर्चे की दवा नहीं दे सकता। अब टेलीमेडिसिन वाले मरीजों के पास पर्चा ना होने के कारण उन्हें दवा नहीं मिल पा रही है।
सामान्य मरीजों की बढ़ी परेशानी
इन दिनों सामान्य मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं। अस्पतालों का पूरा फोकस कोरोना से निपटने पर है, जिसके चलते सामान्य मरीजों पर ध्यान काफी कम है। अस्पतालों में सामान्य बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की ओपीडी में संख्या भी काफी कम हुई है।
भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार हमने सभी दवा विक्रेताओं को बिना डॉक्टर के पर्चे के दवाइयां ना बेचने के निर्देश दिए हैं। टेलीमेडिसिन के बाद डॉक्टर चाहें तो अपनी पर्ची पर दवाएं लिखकर मरीज को व्हाट्सएप कर सकते हैं। इस पर्चे को देखकर भी केमिस्ट दवा दे सकते हैं।
ताजबर सिंह, ड्रग कंट्रोलर, उत्तराखंड