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Uttarakhand: लॉकडाउन के चलते निगम के सामने भी आर्थिक संकट, रेवेन्यू बढ़ाने को वेंडिंग जोन बनाएगा
Sat, 02 May 2020 03:52 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 02 May 2020 03:52 PM IST
सार
- पिछले वर्ष छह नंबर पुलिया में बनाया गया था मॉडल वेंडिंग जोन
- शहर में एक दर्जन से अधिक बनाए जाने हैं वेंडिंग जोन
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देहरादून नगर निगम
- फोटो : File Photo
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विस्तार
लॉकडाउन के चलते निगम के सामने भी आर्थिक संकट पैदा होने लगा है। जिसे देखते हुए रेवेन्यू बढ़ाने के लिए निगम शहर में जल्द वेंडिंग जोन बनाने का काम शुरू करेगा। इसके जरिये काफी लोगों रोजगार मिल सकेगा, वहीं निगम के राजस्व में भी इजाफा होगा। मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि फड़-ठेली वालों के लिए जल्द वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे। इसके लिए पूर्व में पुराने 60 वार्डों में कराए गए सर्वे का अध्ययन किया जाएगा।
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इसके बाद संशोधन के बाद जल्द ही इस पर काम शुरू किया जाएगा। जिससे लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। फड़-ठेली के लाइसेंस के लिए भी मानक बनाए जाएंगे। सत्यापन के बाद ही लाइसेंस जारी किया जाएगा। बता दें कि नगर निगम में 2700 फड़-ठेली वाले रजिस्टर्ड हैं। जबकि शहर में पांच हजार से अधिक फड़-ठेली लगती हैं। डेढ़ साल पहले हुए सर्वे में 3600 लोग चिह्नित किए गए थे।
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पांच लाख आता है रेवेन्यू
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा समय पर फड़-ठेली से पांच लाख रुपये सालाना राजस्व मिल रहा है। जबकि इस व्यवस्था में आधा दर्जन से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। ऐसे में निगम को उस हिसाब से राजस्व नहीं मिलता, जिस तरह से मिलना चाहिए। अधिक संख्या में वेंडिंग जोन बनने से निगम को फायदा होगा।
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इन जगहों पर बनाए जाने हैं वेंडिंग जोन
इंदिरा नगर - मलिक चौक
करनपुर- डीबीएस कॉलेज के पीछे
एफआरआई - मुख्य गेट के सामने
प्रेमनगर रोड - पंडितवाड़ी
वसंत विहार - पार्क नंबर चार
राजपुर - पैसिफिक अपार्टमेंट तथा धौरण के पास
राजपुर रोड - साईं मंदिर के पास सहस्त्रधारा बाईपास पर
रेसकोर्स - बन्नू स्कूल चौराहा
लालपुल - महंत इंदिरेश हॉस्पिटल रोड
निरंजनपुर - श्रम न्यायालय के पास
परेड ग्राउंड - लैंसडाउन चौक
सीमाद्वार - मानक चौक के पास
हर महीने सात करोड़ से अधिक खर्च कर रहा निगम
अधिकारियों के मुताबिक हर महीने निगम कर्मियों की सैलरी और पेंशन में साढ़े चार करोड़ से अधिक खर्च होता है। दवा और अन्य संसाधनों पर दो करोड़ से अधिक खर्च किया जा रहा है। निगम की इनकम का मुख्य स्रोत हाउस टैक्स और विज्ञापन है। जो लॉकडाउन के चलते वसूला नहीं जा रहा है।
कोरोना से बचाव को लेकर निगम सैनिटाइजेशन कर रहा है। मास्क व सैनिटाइजर बांटे जा रहे हैं। इस बीच निगम का रेवेन्यू पूरी तरह से बंद हैं। जिसे देखते हुए नए मॉडल विकसित करने की प्लानिंग है। इसे लेकर ही छह नंबर पुलिया के बाद अन्य स्थानों पर वेंडिंग जोन बनाने का निर्णय लिया है।
- सुनील उनियाल गामा, मेयर