Lockdown Uttarakhand: खाता खुलवाने को मची मारामारी के बीच बिहार सरकार ने मजदूरों के खाते में भेजे पैसे
- दून में रहने वाले 20 से ज्यादा प्रवासी मजदूरों के डाकघर खाते में आए 1000 रुपये, खिले चेहरे
- रात में जीपीओ में खाता खुलवाने पहुंचने लगे मजदूर, एक हफ्ते से है मारामारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एक हफ्ते से डाकघर में खाता खुलवाने को उमड़े मजदूरों के खाते में बिहार सरकार ने आर्थिक मदद भेजनी शुरू कर दी है। शुक्रवार को 20 से ज्यादा मजदूरों के खाते में 1000 रुपये पहुंचे हैं। शुक्रवार को जब कई मजदूरों को बिहार सरकार से आर्थिक सहायता राशि डाकघर खाते में आने का मैसेज मिला तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
कौलागढ़ मजदूर बस्ती में रहने वाले प्रवासी राजेश कुमार व संतोष ने बताया कि उनके घरवालों ने जानकारी दी थी कि बिहार सरकार प्रवासी मजदूरों को मदद दे रही है। अगले दिन उन्होंने जीपीओ आकर खाता खुलवाया। लॉकडाउन लागू होने के बाद से उन्हें काम नहीं मिला, जो पैसे थे सब खत्म हो गए। अब इस धनराशि से कुछ दिन गुजार हो जाएगा।
रात 3 बजे जीपीओ पहुंचे मजदूर
बृहस्पतिवार देर रात करीब तीन बजे से मजदूर जीपीओ में खाता खुलवाने के लिए पहुंचने शुरू हुए। गेट बंद होने के कारण सड़क पर ही खड़े रहे। सुबह 7 बजे कार्यालय खुला तो खाते खुलने शुरू हो सके। इस दौरान अधिक भीड़ होने के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना मुश्किल होता रहा। बीच-बीच में पुलिस ने सख्ती कर व्यवस्था बनाई।
बिहार सरकार की ओर से वहां के मजदूरों के खाते में आर्थिक मदद पहुंची है। कई ने पैसा निकाला भी है। मजदूरों की मदद के लिए खाता खोलने व पैसे निकालने के आवेदनों पर त्वरित काम किया जा रहा है। शुरू में बिहार सरकार से मदद की जानकारी नहीं मिल पाई थी, लेकिन अब पुष्टि हो गई है।
- अनसूया प्रसाद चमोला, प्रवर डाक अधीक्षक