उत्तराखंड: पहाड़ी दरकने से बंद यमुनोत्री हाईवे पर 14 घंटे बाद सुचारू हुई वाहनों की आवाजाही
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यमुनोत्री हाईवे पर खरादी के पास शनिवार देर रात से भूस्खलन के कारण बंद रास्ता करीब 14 घंटे बाद खोल दिया गया। रास्ता खुलने से अब वाहनों की आवाजाही सुचारू हो गई है।
बता दें कि शनिवार रात को पहाड़ी दरकरने से हाईवे पर बोल्डर आ गए थे, जिससे रास्ता बंद हो गया था। वहीं, पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में एक होटल भी आ गया था। गनीमत रही कि कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ।
हाईवे पर जिस जगह भूस्खलन हुआ था वहां ऑल वेदर रोड निर्माण कार्य के तहर सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसके चलते वहां भूस्खलन का लगातार खतरा बना हुआ है।
16 वर्ष में नहीं बन सका दैजीमांडा-पौड़ीखाल मोटर मार्ग
रुद्रप्रयाग में बच्छणस्यूं के मध्य क्षेत्र के लिए स्वीकृत पांच किमी सड़क 16 वर्ष बाद भी नहीं बन पाई है। मोटर मार्ग के अभाव में पलायन से गांव खाली होते जा रहे हैं। वर्ष 2004 में ग्राम पंचायत खांकरा, निषणी और बंगोली के रामपुर, मरगांव, सुनाऊं, पौड़ीखाल, चॉम्यूं, पणधारा, कलेथ, निषणी को यातायात सुविधा से जोड़ने के लिए पांच किमी दैजीमांडा-पौड़ीखाल मोटर मार्ग स्वीकृत करते हुए निर्माण के लिए 72 लाख रुपये भी जारी किए गए थे, लेकिन भूमि विवाद के कारण मार्ग सर्वेक्षण से आगे नहीं बढ़ सका।
तीन वर्ष पूर्व 2017 में जिला प्रशासन के प्रयासों से लोनिवि प्रांतीय खंड से मार्ग निर्माण शुरू किया गया, लेकिन ढाई किमी ही कटिंग हो पाई। बीते दो वर्ष से कार्य ठप पड़ा है, जिस कारण क्षेत्रीय जनता में रोष है।
स्थानीय पुष्कर सिंह बिष्ट, डीएस नेगी, केएस रौथाण, बीरेंद्र लाल, गणेश बिष्ट, पूर्व प्रधान गजेंद्र सिंह रौथाण आदि का कहना है कि 31 दिसंबर तक अधूरे मार्ग का निर्माण शुरू न होने पर वह अनशन शुरू करेंगे।
वहीं ईई लोनिवि प्रांतीय खंड इंद्रजीत बोस का कहना है कि दैजीमांडा-पौड़ीखाल मोटर मार्ग का शेष ढाई किमी मार्ग कटिंग के साथ संपूर्ण मार्ग के डामरीकरण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि दिसंबर तक स्वीकृति मिल जाएगी।