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भ्रष्टाचार के आरोपों पर बोले श्रम मंत्री हरक सिंह रावत, कहा - मुझे किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं
Mon, 09 Nov 2020 12:55 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, अल्मोड़ा
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, अल्मोड़ा
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 09 Nov 2020 12:55 PM IST
सार
- भ्रष्टाचार के आरोपों पर बोले हरक, कहा-जो काम करता है उसी पर उंगली उठती है
- श्रम मंत्री ने किया दावा, मेरे निर्णय और नीतियों से एक लाख लोगों को मिला रोजगार
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हरक सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला (File Photo)
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विस्तार
उत्तराखंड कर्मकार कल्याण बोर्ड अध्यक्ष पद से बाहर होने और बोर्ड में भ्रष्टाचार और गंभीर आरोपों की बात सामने आने के बाद यहां पहुंचे हरक सिंह रावत ने कहा कि जो काम करता है उंगली भी उसी पर उठती है। देर शाम नगर पहुंचे श्रम मंत्री ने कहा कि उनकी नीतियों और निर्णयों से पिछले तीन दशकों से उत्तराखंड में एक लाख लोगों को रोजगार मिला है। आरोपों को लेकर उन्होंने दो टूक कहा कि उन्हें किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।
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अल्मोड़ा पहुंचे प्रदेश के श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप तथ्यहीन हैं। वह पिछली सरकार में भी मंत्री रहे, तब हरीश दुर्गापाल श्रम मंत्री थे लेकिन कोई नहीं जानता था कि आखिर श्रम बोर्ड क्या है। कहा कि जब वह मंत्री बने तो पता चला कि आखिर श्रम बोर्ड क्या है। पिछले चार वर्षों में उन्होंने श्रमिकों के लिए कई योजनाएं चलाईं। उन्हें किसी के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। जनता और श्रमिक उनके कार्यों की स्वयं समीक्षा करेंगे।
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उन्होंने कहा कि जो अच्छा काम करता है, उसी के कार्यों पर उंगली उठाना आसान है। घोटाले के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। राज्य स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर अल्मोड़ा पहुंचे श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि जनसेवा उनकी प्राथमिकता रही है और युवाओं को रोजगार देने के मामले में वह कतई पीछे नहीं है। बता दें कि हरक सिंह के कार्यकाल में नियुक्त 38 कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। आरोप है कि वित्त विभाग से स्वीकृति के बगैर बोर्ड के ढांचे में पदों को शामिल कर दिया गया।
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उपनल, पीआरडी से नाम मंगवा लिए गए, इससे बोर्ड पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ रहा था। वहीं, 45 करोड़ रुपयों का हिसाब नहीं मिलने पर स्पेशल ऑडिट कराए जाने की संस्तुति की गई है। हरक सिंह रावत ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, उन्होंने कहा कि उक्त आरोपों की जानकारी उन्हें मीडिया से मिल रही है।
वह अपना काम करते हैं और लोगों को उसका लाभ मिलता है। कहा कि श्रम बोर्ड में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। कर्मकार बोर्ड में उनके करीबियों को हटाने और उनके विधानसभा में श्रम बोर्ड का कार्यालय बंद करने को लेकर सवाल पर मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि वह ज्यादा इस पर कोई टिप्पणी नही कर सकते।