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Kotdwar: भारी बारिश के बाद मालन पुल टूटने से नदी में बहे युवक का शव बरामद, दो लोग अभी भी लापता

Fri, 14 Jul 2023 02:04 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 14 Jul 2023 02:04 PM IST
सार

पुल टूटने से पहले उफनाई नदी को देखने के लिए काफी संख्या में लोग जमा थे। इसी दौरान पुल के बीच का एक हिस्सा टूट गया। दो लोग रेलिंग पकड़े हुए थे जिससे वह बच गए जबकि तीसरा युवक उफनती नदी में बह गया था।

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Uttarakhand Kotdwar Malan bridge Collapse Youth Dead Body Recovered from River
मालन नदी से बरामद हुआ युवक का शव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोटद्वार शहर से सात किमी दूर मोटाढाक में मालन नदी पर बना डबल लेन मोटर पुल बाढ़ और भू-कटाव की चपेट में आने से गुरुवार को टूट गया था। इस दौरान नदी में बहे युवक प्रशांत उर्फ निक्की डबराल(40) पुत्र प्रकाश डबराल निवासी हल्दूखाता का शव शुक्रवार को एसडीआरएफ की टीम ने पुल से नौ किलोमीटर दूर से बरादम किया। वहीं, दो अन्य लोग भी भी लापता हैं। 

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कई लोगों ने भागकर बचाई थी जान

हादसे के दौरान पुल का एक पिलर धंसने से उसके बीच का एक हिस्सा (स्पान) टूटकर नदी में समा गया, जबकि दूसरा भी ढहने के कगार पर है। पुल टूटने से पहले उफनाई नदी को देखने के लिए काफी संख्या में लोग जमा थे।

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इसी दौरान पुल के बीच का एक हिस्सा टूट गया। दो लोग रेलिंग पकड़े हुए थे जिससे वह बच गए जबकि तीसरा युवक उफनती नदी में बह गया। अन्य लोगों में भागकर जान बचाई। पुल टूटने से लालढांग समेत हल्दूखाता के 35 से अधिक गांवों का सड़क संपर्क कटा गया है। 

Uttarakhand Kotdwar Malan bridge Collapse Youth Dead Body Recovered from River

मई 2010 में बना था पुल

मोटाढांक में 325 मीटर स्पान का यह डबल लेन मोटर पुल क्षेत्रवासियों की मांग पर 24 मई 2010 में बनकर तैयार हुआ था। पुल बनने से पहले क्षेत्रवासी यहां बने रपटे से आवाजाही करते थे। बरसात के दिनों में यहां आवागमन ठप रहता था जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने यहां पर 12.35 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण कराया। अब पुल टूटने से भाबर के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्षेत्रवासी पुल टूटने की वजह लोक निर्माण विभाग की उदासीनता बता रहे हैं। कहा कि पुल को पहले से ही खतरा बना था, ऐसे में उनकी समय रहते उचित देखरेख नहीं की गई इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

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