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बॉक्सिंग में ओवरवेट, ताइक्वांडों के खिलाड़ी ‘कुपोषित’ ये हैं उत्तराखंड खेल महाकुंभ के मनमाने नियम
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 30 Nov 2017 08:01 PM IST
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प्रदेश में पहली बार आयोजित किए जा रहे खेल महाकुंभ में नियम ऐसे बनाए गए हैं कि इसमें पूरी तरह फिट खिलाड़ी चाहकर भी हिस्सा ही नहीं ले सकते।
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बॉक्सिंग में हिस्सा लेने के लिए जहां खिलाड़ियों को ओवरवेट होना आवश्यक है, वहीं ताइक्वांडों के खिलाड़ियों के लिए ‘कुपोषित’ होना अनिवार्य है। ऐज और वेट की कैटेगरी में मनमानी के चलते यह समस्या पैदा हुई है।
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खेलों में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के लिए उम्र के मुताबिक औसत वजन निर्धारित किया गया है। चिकित्सा विज्ञान और खेल विभाग दोनों ने उम्र व लंबाई के मुताबिक वजन का मानक तय किया है लेकिन खेल महाकुंभ में इसकी अनदेखी जा रही है।
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अंडर-14 बालक बॉक्सिंग प्रतियोगिता में 48, 50, 52 और 54 किग्रा भार वर्ग तय किए गए हैं। वहीं बालिका ताइक्वांडों के लिए 18, 21, 23, 25 व 27 किग्रा भार वर्ग निर्धारित हैं। दून अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डॉ. महावीर सिंह से स्वास्थ्य संबंधी मानकों पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि मेडिकल साइंस के अनुसार एक उम्र में औसत वजन निर्धारित होता है।
इसमें कुछ कम या ज्यादा भी सामान्य माना जाता है, लेकिन जो ऐज और वेट की कैटेगरी बताई गई है, वह फिट खिलाड़ियों की होनी मुश्किल है। यह खिलाड़ी या तो अंडर वेट होंगे या ओवर वेट।
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के मानकों के अनुसार पूरी तरह फिट अंडर-12 से अंडर-14 खिलाड़ी का वजन 30 से 50 किग्रा के बीच होना चाहिए। इससे अधिक वजन के खिलाड़ी भी बॉक्सिंग में हिस्सा ले सकते हैं लेकिन वह मिडिल, लाइट हैवी या हैवीवेट कैटेगरी में ही खेलने के पात्र होते हैं।
प्रतियोगिता नहीं औपचारिकता
taekwondo
खेल महाकुंभ के नाम पर महज औपचारिकता भर निभाई जा रही है। शिक्षा, खेल, पंचायतीराज और युवा कल्याण विभाग को महाकुंभ के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन अधिकांश विभागों के अधिकारी और कर्मचारी आयोजन स्थल से नदारद हैं।
आलम यह है कि इवेंट्स आयोजित करने की जिम्मेदारी सीनियर खिलाड़ियों को ही सौंप दी गई है। वहीं परेड ग्राउंड में आयोजित की जा रही एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी अव्यवस्थाओं का बोलबाला है।
हमें शासन से जो मानक मिले हैं, हम उसी के अनुसार प्रतियोगिताएं आयोजित कर रहे हैं। मुझे ऐज और वेट कैटेगरी की जानकारी नहीं है। ऐसे में उच्चाधिकारियों के स्तर से हमें जो निर्देश मिले हैं, हम उन्हीं मानकों के अनुसार प्रतियोगिताएं करा रहे हैं।
- एसएस गुर्साइं, जिला युवा कल्याण अधिकारी
मुझे ऐज और वैट कैटेगरी की जानकारी नहीं है। यह जानकारी बॉक्सिंग फेडरेशन के पदाधिकारी दे सकेंगे। खेलों में खिलाड़ियों को किस ऐज व वेट कैटेगरी में खिलाया जा रहा है, इसकी जानकारी मैं वापस लौटने के बाद ही दे पाऊंगा।
- राजेश ममगाई, जिला खेल अधिकारी
आलम यह है कि इवेंट्स आयोजित करने की जिम्मेदारी सीनियर खिलाड़ियों को ही सौंप दी गई है। वहीं परेड ग्राउंड में आयोजित की जा रही एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी अव्यवस्थाओं का बोलबाला है।
हमें शासन से जो मानक मिले हैं, हम उसी के अनुसार प्रतियोगिताएं आयोजित कर रहे हैं। मुझे ऐज और वेट कैटेगरी की जानकारी नहीं है। ऐसे में उच्चाधिकारियों के स्तर से हमें जो निर्देश मिले हैं, हम उन्हीं मानकों के अनुसार प्रतियोगिताएं करा रहे हैं।
- एसएस गुर्साइं, जिला युवा कल्याण अधिकारी
मुझे ऐज और वैट कैटेगरी की जानकारी नहीं है। यह जानकारी बॉक्सिंग फेडरेशन के पदाधिकारी दे सकेंगे। खेलों में खिलाड़ियों को किस ऐज व वेट कैटेगरी में खिलाया जा रहा है, इसकी जानकारी मैं वापस लौटने के बाद ही दे पाऊंगा।
- राजेश ममगाई, जिला खेल अधिकारी