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सौंग-टोंस के किनारे भी बनेंगे गरीबों के आशियाने
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 26 Aug 2016 08:52 AM IST
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उत्तराखंड सरकार की ओर से हाल में शुरू की गई ‘उत्तराखंड जन आवास योजना’ के तहत रिस्पना और बिंदाल के अलावा सौंग और टोंस नदियों के किनारे भी गरीबों के आशियाने बनाए जाएंगे।
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रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के तहत रिस्पना और बिंदाल के किनारे जमीनें चिह्नित करने के बाद अब एमडीडीए के अफसर सौंग और टोंस नदियों के किनारे जमीनें चिह्नित करने में जुट गए है, ताकि जमीन शहरी विकास विभाग को सौंपी जा सके।
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उत्तराखंड जन आवास योजना के तहत 35,000 आवासों का निर्माण होना है, जिसमें से 25,000 आवास शहरी और 10,000 आवास ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए जाएंगे। लेकिन इतनी अधिक संख्या में आवासों के निर्माण में जमीन की कमी बड़ी बाधा है। ऐसे में सरकार ने निर्णय लिया है कि रीवर फ्रंट डेवलपमेंट के तहत नदियों के किनारे चिह्नित की गई जमीनों पर आवासों का निर्माण कराया जाए।
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योजना के पहले चरण में एमडीडीए ने देहरादून में रिस्पना और बिंदाल नदियों के किनारे जमीन चिह्नित कर शहरी विकास विभाग को सौंप दी हैं। लेकिन शहरी विकास विभाग को अभी और अधिक जमीनों की जरूरत है। लिहाजा, टोंस और सौंग जैसी नदियों के किनारे भी आवास बनाने की योजना तैयार की गई है।
शहरी विकास विभाग के सभा सचिव राजकुमार के मुताबिक रीवर फ्रंट डेवलपमेंट के तहत इन नदियों के किनारे भी जमीन चिह्नित की जा रही है। इतना ही नहीं, आवास के साथ ही पार्क, खेल मैदान, शापिंग सेंटर के अलावा स्वयं सहायता समूहों के लिए भी केंद्र बनाए जाएंगे। इसके अलावा हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश समेत राज्य के तमाम जिलों में जमीनें चिह्नित कर आवास निर्माण किया जाएगा।