{"_id":"69d694a018b5e828820bbbdd","slug":"uttarakhand-ips-officers-arun-mohan-joshi-and-neeru-garg-get-relief-from-cat-in-deputation-case-2026-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand: प्रतिनियुक्ति मामले में आईपीएस अरुण मोहन जोशी और नीरू गर्ग को कैट से राहत, सरकार से जवाब मांगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand: प्रतिनियुक्ति मामले में आईपीएस अरुण मोहन जोशी और नीरू गर्ग को कैट से राहत, सरकार से जवाब मांगा
Wed, 08 Apr 2026 11:18 PM IST
Alka Tyagi
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Wed, 08 Apr 2026 11:18 PM IST
सार
दोनों वरिष्ठ अधिकारी इस वक्त आईजी रैंक पर हैं। गत पांच मार्च को केंद्र सरकार ने दोनों अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुलाने के आदेश जारी किए थे। इनमें आईजी नीरू गर्ग को आईटीबीपी और अरुण मोहन जोशी को बीएसएफ में डीआईजी पद पर प्रतिनियुक्ति देने का फैसला किया था।
विज्ञापन
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण मोहन जोशी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण मोहन जोशी और नीरू गर्ग को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) से राहत मिली है। उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति संबंधी आदेशों पर कैट ने रोक लगाई है। गत मंगलवार को आए इस फैसले में कैट ने सरकार से चार सप्ताह के भीतर जवाब भी मांगा है। इस मामले में अगली सुनवाई सात मई को होनी है।
विज्ञापन
दोनों वरिष्ठ अधिकारी इस वक्त आईजी रैंक पर हैं। गत पांच मार्च को केंद्र सरकार ने दोनों अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुलाने के आदेश जारी किए थे। इनमें आईजी नीरू गर्ग को आईटीबीपी और अरुण मोहन जोशी को बीएसएफ में डीआईजी पद पर प्रतिनियुक्ति देने का फैसला किया था। अगले ही दिन राज्य सरकार ने दोनों अधिकारियों को कार्यमुक्त भी कर दिया। इसके विरोध में ये अधिकारी हाईकोर्ट चले गए। मगर वहां से उन्होंने कैट जाने की सलाह दी गई।
विज्ञापन
Uttarakhand: सरकार ने दायित्व दिए, अब भाजपा बढ़ाएगी जिम्मेदारी, योजनाएं जमीनी स्तर तक पहुंचाएंगे, प्लान तैयार
विज्ञापन
इसके बाद दोनों अधिकारियों की ओर से कैट में इस मामले को उठाया गया। कैट को अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए उन्होंने कभी न तो आवेदन किया और न ही अपनी सहमति दी। इसके अलावा उन्हें जिस पद पर भेजा जा रहा है वह वर्तमान रैंक से एक रैंक नीचे है। ऐसे में यह पेशेवर रूप से एक तरह डिमोशन की तरह ही है।
इससे पहले भी दोनों अधिकारी केंद्रीय बलों में जाने से अनिच्छा जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में कैट ने इन अधिकारियों को राहत देते हुए फिलहाल आदेश पर रोक लगा दी है। इसके अलावा सरकार से प्रतिनियुक्ति से जुड़े नियमों और प्रक्रिया का ब्योरा चार सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के लिए कहा है।