उत्तराखंड: उत्तरकाशी के लंका में बनाया जा रहा है देश का पहला हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र
- जिले के दौरे पर पहुंचे वन संरक्षक गढ़वाल ने दी जानकारी
- कहा, उत्तरकाशी व चमोली में खोल जाएंगे भालू रेस्क्यू केंद्र
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उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के दौरे पर पहुंचे मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल सुशांत पटनायक ने सिक्योर हिमालय परियोजना के तहत कराए जा रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि उत्तरकाशी के लंका में पहला हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र बनाया जा रहा है।
साथ ही उत्तरकाशी एवं चमोली में भालू रेस्क्यू केंद्र स्थापित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। तीन दिवसीय भ्रमण के दौरान मुख्य वन संरक्षक पटनायक ने उत्तरकाशी वन प्रभाग के कार्यों की समीक्षा की। लंका पहुंचकर उन्होंने प्रस्तावित हिम तेंदुआ संरक्षण केंद्र स्थल का निरीक्षण किया।
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इस दौरान वह हिम तेंदुए के संरक्षण, जन भागीदारी एवं सतत आजीविका विकास विषय पर धराली में आयोजित कार्यशाला में भी शामिल हुए। ग्रामीणों ने उनसे वन्य जीवों द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की।
ऋषिकेश में मंकी रेस्क्यू केंद्र बन रहा
इस पर उन्होंने बताया कि लंगूर एवं बंदरों की समस्या से निपटने के लिए ऋषिकेश में मंकी रेस्क्यू केंद्र बन रहा है, जबकि उत्तरकाशी एवं चमोली में भालू रेस्क्यू केंद्र का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
डीएफओ संदीप कुमार ने बताया कि सिक्योर हिमालय के माध्यम से क्षेत्र के 50 युवाओं को साहसिक पर्यटन, होम स्टे, बर्ड वॉचिंग आदि का प्रशिक्षण दिया गया है।
इस मौके पर सचेंद्र पंवार, गंगोत्री नेशनल पार्क के उपनिदेशक आरएन श्रीवास्तव, डीएफओ आरबी सिंह, हर्षिल के प्रधान दिनेश रावत, धराली के वन सरपंच दुर्गेश रावत, हर्षिल ईको विकास समिति के अध्यक्ष माधवेंद्र रावत, जैव विविधता समिति के अध्यक्ष प्रथम सिंह पंवार, रेंजर प्रताप पंवार, पूजा चौहान, उम्मेद सिंह धाकड़ आदि मौजूद रहे।