रूसा के क्रियान्वयन में उत्तराखंड देश में टॉप-5 में
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उच्च शिक्षा में सुधार के लिए चल रहे राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) का क्रियान्वयन करने में उत्तराखंड को देश के शीर्ष पांच राज्यों में जगह मिली है। यह जानकारी रूसा की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में दी गई। इसमें पहले दिन उत्तराखंड मुक्त विवि के कुलपति समेत कई विशेषज्ञों ने विचार रखे।
सोमवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में रूसा की ‘उच्च शिक्षा में अकादमिक श्रेष्ठता हेतु नेतृत्व विकास’ विषय पर आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ अपर सचिव नितिन भदौरिया ने किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के रूसा से जुड़े सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को समय से अपने प्रोजेक्ट जमा कराने चाहिए। ताकि उसके मुताबिक रूसा का क्रियान्वयन हो सके। उन्होंने बताया कि रूसा के क्रियान्वयन में उत्तराखंड का नाम देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल होना एक अच्छा संकेत है।
मुख्य वक्ता उत्तराखंड मुक्त विवि के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने अकादमिक श्रेष्ठता के लिए ज्ञान, कौशल व मूल्यों के एकीकरण की आवश्यकता बताई। प्रो. राव ने प्रदेशभर से आए प्राचार्यों को नैक ग्रेडिंग से विभिन्न पैमानों पर ऊपर उठाने का आह्वान किया।
प्रदेशभर के विवि और कॉलेजों के पदाधिकारी हुए शामिल
संचालन रूसा परियोजना निदेशालय के संयुक्त परियोजना निदेशक डॉ. सतपाल सिंह साहनी ने किया। इस मौके पर उच्च शिक्षा विभाग के अनु सचिव अनिल पांडेय और सहायक निदेशक डा. वीएन शर्मा भी मौजूद रहे।
प्रथम तकनीकी सत्र में आईआईएम काशीपुर के प्रो. डीपी उनियाल अकादमिक प्रशासन से अकादमिक नेतृत्व : संक्रमण से बदलाव की ओर विषय पर व्याख्यान दिया। रूसा निदेशालय में सहायक निदेशक डा. एके तिवारी ने तकनीकी सत्रों का संचालन लिया।
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने 'स्नातकों के लिए रोजगार: उद्योगों के संदर्भ में' विषय पर प्रकाश डाला। इसके अलावा महाराजा अग्रसेन कॉलेज, दिल्ली के डॉ. एनएन कक्कड़ ने नेतृत्व अनुभव विषय पर बात की। इस मौके पर डॉ. अरुणा प्रद्योत, डॉ. रीना उनियाल तिवारी, डॉ. प्रशांत सिंह सहित तमाम कॉलेजों और विवि के अधिकारी मौजूद रहे।