उत्तराखंड के प्लेटफॉर्म पर नहीं रुकी 'मोदी एक्सप्रेस'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेल मंत्री सदानंद गौड़ा के पहले ही बजट में उत्तराखंड की कई महत्वपूर्ण मांगें प्लेटफार्म पर इंतजार करती ही रह गईं। गैरसैंण तक रेल लाइन की उम्मीद भी पूरी नहीं हो पाई।
बजट में पुरानी योजनाओं में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के काम में कुछ तेजी आने की आस जरूर जगी है। गौड़ा ने पुरानी रेल परियोजनाओं को तरजीह देने की बात कही, देवभूमि की परियोजनाओं को क्या पंख लगेंगे, यह बड़ा सवाल है।
कुछ समय पहले ही रेल मंत्री से प्रदेश सरकार ने आधा दर्जन लंबित परियोजनाओं को पूरा करने और नई मांगों पर ध्यान देने की गुजारिश की थी। रेल बजट में ये उम्मीद भी नहीं पूरी हो पाई।
20 करोड़ में कैसे कर्णप्रयाग पहुंचेगी रेल
पिछले बजट में रामनगर-चौखुटिया रेल लाइन की घोषणा की गई थी। उम्मीद थी कि इस बार गैरसैंण को रेल मार्ग से जोड़ने का सपना भी पूरा हो जाएगा। लेकिन इस परियोजना का कहीं कोई जिक्रही नहीं हुआ।
प्रदेश की आधा दर्जन से अधिक ऐसी रेल लाइनें हैं जिनका सर्वे जारी है। इन परियोजनाओं का सर्वे पिछले कई सालों से पूरा नहीं हो पाया है।
दूसरी ओर, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के लिए बजट में इस बार सिर्फ 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। चार हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की इस परियोजना पर अभी तक 11 करोड़ ही खर्च हो पाए हैं।
कई परियोजनाओं का जिक्र तक नहीं
इसी तरह रुड़की-देवबंद रेल लाइन के लिए बजट की व्यवस्था की गई है। दिल्ली से ऋषिकेश तक एलिवेटेड रेल लाइन का कोई जिक्र नहीं है। इसी तरह टनकपुर-बागेश्वर को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किए जाने के बाद भी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में जगह नहीं मिल पाई।
उधर सहारनपुर-ऋषिकेश, हरिद्वार-रामनगर, काशीपुर-धामपुर, हल्द्वानी-चौरगलिया ऐसी रेल लाइन हैं जो सर्वे पर ही अटकी पड़ी हैं। काठगोदाम-टनकपुर, रामनगर-कोटद्वार-देहरादून, टनकपुर-पूर्णागिरी नई मांगों का रेल बजट में जिक्र तक नहीं हुआ।
अंतरिम बजट में तीन, पूर्ण में एक ट्रेन
रेल बजट में कुमाऊं के खाते में केवल एक ट्रेन आई है। बजट में रामनगर से आगरा को एक्सप्रेस ट्रेन चलाने को मंजूरी दी गई है। यह ट्रेन साप्ताहिक संचालित होगी।
इसके अलावा ए-क्लास स्टेशन पर वाईफाई की सुविधा की घोषणा हुई है, जिसका लाभ काठगोदाम स्टेशन आने वाले यात्रियों को मिलेगा। वहीं, अंतरिम बजट में कुमाऊं को तीन ट्रेनें मिली थीं, जबकि पूर्ण बजट में केवल एक ही ट्रेन मिल सकी है।