हाईकोर्ट ने मुजफ्फरनगर कांड की पूरी रिपोर्ट की तलब, राज्य सरकार और सीबीआई को भी जारी किया नोटिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट ने जिला जज देहरादून को मुजफ्फरनगर कांड की पूरी रिपोर्ट को दो सप्ताह में पेश करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, सीबीआई और जिला जज देहरादून को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।
न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। अधिवक्ता रमन शाह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मुजफ्फरनगर कांड की दोबारा सुनवाई की मांग की थी। याची का कहना था कि अलग राज्य की मांग को लेकर जारी आंदोलन में दो अक्तूबर 1994 को दिल्ली कूच के दौरान आंदोलनकारियों के साथ बर्बरता की गई।
इस मामले में दोषियों को सजा देने और सीबीआई जांच की मांग भी की जाती रही है। याची ने कहा कि सीबीआई ने इस मामले की जांच की थी और पूरे राज्य आंदोलन के दौरान 28 आंदोलनकारियों की मौत, बलात्कार एवं 17 आंदोलनकारियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं होना पाया था।
1996 में सीबीआई ने तत्कालीन जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर अनंत कुमार सिंह समेत अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके खिलाफ 2003 में अनंत कुमार सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।
कोर्ट ने उनको राहत देते हुए मामले पर रोक लगा दी थी। 22 अगस्त 2003 को हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अपने फैसले को रिकॉल कर लिया था। फिर मामले में सुनवाई नहीं हो सकी तो मामले से जुड़ी फाइल भी गायब हो गई। याचिका में कहा गया कि मामले से जुड़ी फाइल गायब करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो।