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उत्तराखंड: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पहले चारधाम यात्रा पर लगी रोक नहीं हटा सकते- हाईकोर्ट

Wed, 08 Sep 2021 10:43 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 08 Sep 2021 10:43 AM IST
सार

Char dham yatra News: हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा वाले जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, कोविड संक्रमण रोकने के लिए पर्याप्त तैयारियां नहीं करने, डॉक्टरों की कमी तथा जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर चारधाम यात्रा पर 28 जून को अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी थी।

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Uttarakhand High Court Told Government That we cannot remove ban on Yatra before order of Supreme Court
नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटोPTI

विस्तार

उत्तराखंड सरकार ने  हाईकोर्ट से चारधाम यात्रा खोलने का अनुरोध किया है। कोर्ट ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पहले हाईकोर्ट यात्रा पर लगी रोक को नहीं हटा सकती है। बता दें कि हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा वाले जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, कोविड संक्रमण रोकने के लिए पर्याप्त तैयारियां नहीं करने, डॉक्टरों की कमी तथा जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर चारधाम यात्रा पर 28 जून को अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी थी।

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इस आदेश के खिलाफ छह जुलाई को प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। मंगलवार को महाधिवक्ता ने मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष पेश होकर मौखिक तौर पर चार धार यात्रा पर लगी रोक को हटाने का अनुरोध किया। कहा कि चार धाम यात्रा से हजारों लोगों की रोजी रोटी जुड़ी है। कोर्ट ने साफ किया कि जब तक मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है तो हाईकोर्ट रोक हटाने पर विचार कैसे कर सकती है।

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चारधाम यात्रा: हरकी पैड़ी के पास सांकेतिक मौन व्रत पर बैठे आप कार्यकर्ता

चारधाम यात्रा शुरू करने और देवस्थानम बोर्ड खत्म करने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने हरकी पैड़ी घंटाघर पर सांकेतिक मौन व्रत रखकर विरोध जताया। मौन व्रत पर बैठने से पहले पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष ओपी मिश्रा ने कहा कि भाजपा हिंदू विरोधी है। भाजपा के चाल, चरित्र और चेहरा जनता के सामने बेनकाब हो चुका है।

उन्होंने कहा कि धर्म की आड़ लेकर राजनीति करने वाली भाजपा सरकार में हिंदू ही सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। चारधाम यात्रा को लेकर सरकार कोविड नियमों का हवाला दे रही है, जबकि भाजपा जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रही है। भाजपा की जन आशीर्वाद नहीं बल्कि प्रायश्चित यात्रा है।

प्रदेश उपाध्यक्ष महिला मोर्चा हेमा भंडारी ने कहा कि भाजपा ने साढ़े चार सालों में तीन मुख्यमंत्री बदले हैं। इनके पास न नियत है न ही काम करने की नियति है। देवस्थानम बोर्ड को लेकर तीर्थ पुरोहित समाज लामबंद हैं, लेकिन सरकार आंख मूंदकर बैठी है। प्रदेश सचिव कोर कमेटी अनिल सती ने कहा कि जब सरकार जन आशीर्वाद रैली निकाल सकती है, मंदिर क्यों नहीं खोल सकती है। 

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