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Uttarakhand: नैनीताल की नदियों से 108 कुंतल से अधिक खनिज ले जाने पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
Mon, 27 Feb 2023 11:30 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 27 Feb 2023 11:30 PM IST
सार
याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार ने ऐसा आदेश जारी कर ओवरलोडिंग को बढ़ावा दिया है। इसलिए इस पर रोक लगाई जाए। केंद्र सरकार और सर्वोच्च न्यायालय ने ओवरलोडिंग पर 2005 में पूर्ण रूप से पाबंदी लगा रखी है।
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नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने नैनीताल जिले की गौला, कोसी और अन्य नदियों से मानक (108 क्विंटल) से अधिक खनिज ले जाने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने आरटीओ को आदेश दिए हैं कि वह मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों, केंद्र सरकार की ओवरलोडिंग नियमावली और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से पालन कराएं। कोर्ट ने सरकार सहित अन्य को इस प्रकरण पर 19 जुलाई से पहले जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हल्दूचौड़ निवासी गगन पराशर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि खनन में लगे वाहनों के लिए जिला खनन समिति द्वारा मोटर व्हीकल एक्ट के तहत एक लिमिट तय की गई थी जिसमें 108 क्विंटल तक ही खनन सामग्री वाहनों में लोड की जा सकती है लेकिन सरकार ने 30 जनवरी 2023 को शासनादेश जारी कर 108 क्विंटल से अधिक खनिज सामग्री ले जाने की छूट दे दी थी। साथ ही ओवरलोडिंग करने पर उन्हें रॉयल्टी देने के लिए भी कहा जबकि पहले ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों के दूसरे दिन आने पर पाबंदी थी।
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याचिकाकर्ता का कहना था कि सरकार ने ऐसा आदेश जारी कर ओवरलोडिंग को बढ़ावा दिया है। इसलिए इस पर रोक लगाई जाए। केंद्र सरकार और सर्वोच्च न्यायालय ने ओवरलोडिंग पर 2005 में पूर्ण रूप से पाबंदी लगा रखी है। अतिभार ढोने वाले वाहनों से हाईवे और गांव की सड़कें क्षतिग्रस्त हो रहीं हैं।
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