आईएएस स्टिंग केस: हाईकोर्ट का शिकायतकर्ता को नोटिस, कहा क्यों न सीबीआई को सौंपी जाए जांच?
एक न्यूज चैनल के मालिक उमेश शर्मा के खिलाफ 17 नवंबर को एफआईआर दर्ज करने के मामले में हाईकोर्ट ने कहा है कि क्यों न मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए मुकदमे के विवेचना अधिकारी और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए तीन सप्ताह बाद की तिथि नियत की।
उमेश शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि वह ट्रांजिट हिरासत में 16 से 18 नवंबर तक था। 17 नवंबर को चेतन तोमर नाम के एक व्यक्ति ने एफआईआर दर्ज कर आरोप लगाया था कि उमेश शर्मा ने गुंडे भिजवाकर उस पर (चेतन तोमर पर) जानलेवा हमला करवाया।
आरोप था कि हमलावरों ने उसका मोबाइल तथा सोने की चेन लूट ली। जाते समय धमकी भी दी गई कि प्लाट खाली कर दें। उमेश शर्मा की ओर से दाखिल की गई याचिका में कहा गया कि इस प्रकरण की जांच सीबीआई से कराई जाए। उसके (उमेश शर्मा ) खिलाफ एक के बाद एक एफआईआर दर्ज की जा रहीं हैं।
बता दें कि आईएएस स्टिंग और ब्लैकमेलिंग के आरोपी उमेश शर्मा को हाईकोर्ट पहले भी बड़ी राहत दे चुका है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उमेश शर्मा के खिलाफ जारी बी वारंट पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने आइओ को निर्देश दिए है कि वह 5 दिसम्बर तक या तो जवाब पेश करें या फिर खुद कोर्ट में पेश हों।