उत्तराखंड: हाईकोर्ट का आदेश, देहरादून और हरिद्वार के जिला न्यायालय दो सप्ताह रहेंगे बंद
- सैनिटाइजेशन के लिए हाईकोर्ट ने दिए आदेश
- इस दौरान वर्चुअल चलेगी अदालती कार्यवाही
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच सैनिटाइजेशन के लिए देहरादून और हरिद्वार के जिला व परिवार न्यायालयों को दो सप्ताह के लिए अस्थायी रूप से बंद रखने के आदेश दिए हैं। इस अवधि में इन जिलों की अदालती कार्यवाही मई 2020 में जारी अधिसूचना के मुताबिक वर्चुअल माध्यम से चलेगी।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल धनंजय चतुर्वेदी की ओर से सोमवार को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि उक्त अवधि में इन अदालतों में एक तिहाई कर्मचारी मौजूद रहेंगे। ये कर्मचारी 55 वर्ष से कम आयु के होंगे।
रजिस्ट्रार जनरल ने दोनों जिलों के जिला न्यायाधीशों से आग्रह किया है कि वे अपने-अपने जिलों के स्वास्थ्य विभाग से जिला न्यायालयों के 45 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मचारियों को शीघ्र कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए कहें। इस अधिसूचना में केंद्र और राज्य सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करने के लिए भी कहा गया है।
गाइडलाइन के पालन के लिए बनाए जोनल और सेक्टर अधिकारी
देहरादून जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कोरोना गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराने के लिए शहरी क्षेत्र में सेक्टर और जोनल अधिकारी नामित किए हैं। सेक्टर-1 थाना कोतवाली क्षेत्र के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी, सेक्टर-2 थाना राजपुर जिला युवा कल्याण अधिकारी को सेक्टर प्रभारी और अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को जोनल अधिकारी, सेक्टर-3 थाना कैंट में जिला क्रीड़ा अधिकारी, सेक्टर-4 थाना डालनवाला में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक को सेक्टर अधिकारी और जोनल अधिकारी उप जिलाधिकारी सदर को जोनल अधिकारी बनाया गया है।
सेक्टर-5 थाना प्रेमनगनर में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, सेक्टर-6 थाना पटेलनगर में प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, सेक्टर-7 थाना क्लेमेंटटाउन में परियोजना निदेशक डीआरडीए तथा जोनल अधिकारी अपर जिलाधिकारी प्रोटोकॉल को बनाया गया है।
सेक्टर-8 थाना नेहरू कालोनी में जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक), सेक्टर-9 थाना रायपुर में मुख्य कृषि अधिकारी अधिकारी, सेक्टर-10 थाना बसंत विहार में जिला पंचायतराज अधिकारी तथा जोनल अधिकारी नगर मजिस्ट्रेट को नामित किया है। साथ ही समस्त तहसीलों में उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने स्तर से क्षेत्रवार सेक्टर अधिकारी नामित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।
न्यायालयों में 17 अप्रैल तक रोटेशन व्यवस्था
हाईकोर्ट के आदेश के बाद देहरादून में सत्र व मजिस्ट्रेट न्यायालयों में रोटेशन व्यवस्था लागू कर दी गई है। 17 अप्रैल तक आवश्यक कार्यों के लिए निर्धारित दिन पर न्यायालयों में न्यायिक अधिकारी बैठेंगे। इसके साथ ही विशेष न्यायालयों (एनडीपीएस, सीबीआई, पोक्सो, फास्ट ट्रैक, गैंगेस्टर आदि ) के लिए भी व्यवस्था लागू की गई है। आवश्यक काम आने पर विशेष न्यायाधीश इन न्यायालयों में उपस्थित रहेंगे।
जिला जज के आदेश के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने भी अधीनस्थ कोर्ट में आवश्यक कार्यों के लिए रोटेशन के हिसाब से न्यायिक अधिकारियों को उपस्थित रहने को कहा है। इस संबंध में उनकी ओर से भी मंगलवार को आदेश जारी किया गया। इसके अलावा जिला जज ने आदेश दिए हैं कि यदि कोई अधिवक्ता अपना तर्क ऑनलाइन रखना चाहता है उन्हें पहले न्यायालय के सिस्टम अधिकारी से बात कर सूचित करना होगा।
यह रहेगी व्यवस्था
जिला एवं सत्र न्यायालय
सात अप्रैल- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय
आठ अप्रैल- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ /विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर
नौ अप्रैल- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम
12 अप्रैल- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम
13 अप्रैल- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम
15 अप्रैल- जिला एवं सत्र न्यायाधीश
16 अप्रैल- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय
17 अप्रैल- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ
मजिस्ट्रेट न्यायालय में व्यवस्था
सोमवार, बुधवार व शुक्रवार- मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रट, द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, द्वितीय न्यायिक मजिस्ट्रेट, पंचम अपर सिविल जज / न्यायिक मजिस्ट्रेट, सप्तम अपर सिविल जज( सीनियर डिविजन)/ न्यायिक मजिस्ट्रेट और नवम अपर सिविल जज सीनियर डिविजन /न्यायिक मजिस्ट्रेट।
मंगलवार, बृहस्पतिवार व शनिवार- प्रथम, तृतीय, पंचम व षष्टम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अष्टम व दशम अपर सिविल जज सीनियर डिविजन/ न्यायिक मजिस्ट्रेट।
जेल से ऑनलाइन होगी बंदियों की पेशी
17 अप्रैल तक जिला जेल से कैदियों की पेशी ऑनलाइन की जाएगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित न्यायालय में उनकी रिमांड व जमानत पर सुनवाई हो सकेगी। यह व्यवस्था वर्तमान में पुलिस फोर्स की कमी के चलते की जा रही है।