फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand high court order of making adi shankaracharya samadhi in kedarnath in one year

नैनीताल हाईकोर्ट ने केदार आपदा में बही समाधि को लेकर राज्य सरकार को दिए निर्देश, कहा - एक साल में करें पुनर्स्थापित

Fri, 15 Jan 2021 10:28 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 15 Jan 2021 10:28 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand high court order of making adi shankaracharya samadhi in kedarnath in one year
नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला (File Photo)

नैनीताल हाईकोर्ट ने वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा में बही आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि को पुनर्स्थापित करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह समाधि को एक वर्ष के भतीर पुन: स्थापित करे। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि समाधि एक वर्ष के भीतर स्थापित नहीं होती है तो वह फिर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। 

विज्ञापन


पूर्व में हाईकोर्ट ने अपने आदेश में समाधि को एक वर्ष के भीतर पुनर्स्थापित करने को कहा था, लेकिन सरकार की ओर से इस पर गौर नहीं करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कोर्ट ने कहा था कि क्यों न आपके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए। जिसके बाद सरकार ने शपथपत्र दायर कर कोर्ट से एक वर्ष का समय मांगा।
विज्ञापन


शपथपत्र में कहा गया कि समाधि को भव्य बनाने के लिए प्रधानमंत्री का एक ड्रीम प्रोजेक्ट है और कोरोना काल होने के चलते यह प्रोजेक्ट समय पर नहीं बन पाया, इसलिए सरकार को एक वर्ष का समय दिया जाए। कोर्ट ने सरकार के इस मत से सहमत होकर एक वर्ष का समय दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार दिल्ली निवासी अजय गौतम ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि में केदारनाथ आपदा के समय केदारनाथ मंदिर के समीप बनी आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि बह गई थी।

उसका पुनर्निर्माण जल्द से जल्द किया जाए। पूर्व में हाईकोर्ट ने 10 अक्तूबर 2018 को आदेश पारित कर एक वर्ष में समाधि को पुन: स्थापित करने के आदेश दिए थे, लेकिन अभी तक सरकार ने इस पर कोई विचार तक नहीं किया। याचिकाकर्ता का कहना था कि आदिगुरु शंकराचार्य ने  देवभूमि का पूरे विश्व में प्रचार किया, बावजूद इसके सरकार उनकी समाधि की स्थापना को लेकर मौन साधे हुए है जबकि केदारनाथ प्रधानमंत्री जी का ड्रीम प्रोजेक्ट है।


आपदा आए सात वर्ष और हाईकोर्ट के आदेश को भी दो वर्ष बीत गए हैं। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वे समाधि को एक वर्ष के अंदर पुनर्स्थापित करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed