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उत्तराखंड हाईकोर्ट: राजाजी नेशनल पार्क में अतिक्रमण मामले में नई जिला स्तरीय जांच कमेटी बनाने के निर्देश
Wed, 23 Dec 2020 11:28 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 23 Dec 2020 11:28 PM IST
सार
- चिदानंद मुनि की ओर से रिजर्व फॉरेस्ट की 135 बीघा भूमि पर अतिक्रमण कर वहां फार्म हाउस बनाने का मामला
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- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
राजाजी नेशनल पार्क के कुनाऊं गांव में चिदानंद मुनि और पुरुषोतम दत्त शर्मा की ओर से रिजर्व फॉरेस्ट की 135 बीघा भूमि पर अतिक्रमण कर वहां फार्म हाउस बनाने के मामले में हाईकोर्ट बुधवार को सुनवाई हुई। इसके बाद कोर्ट ने पुरानी जांच कमेटी को भंग कर राज्य सरकार से नई जिला स्तरीय कमेटी गठित करने को कहा है।
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कोर्ट ने कमेटी को यह निर्देश दिए हैं कि वह वहां पर अवैध रूप से रह रहे लोगों की जांच कर 29 दिसंबर तक रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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मामले के अनुसार हरिद्वार निवासी अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि चिदानंद मुनि और उनके सहयोगी पुरुषोत्तम दत्त शर्मा ने हरिद्वार से 14 किलोमीटर आगे राजाजी नेशनल पार्क के भीतर कुनाऊं गाव में रिजर्व फॉरेस्ट की 135 बीघा जमीन पर अतिक्रमण किया हुआ है और वहां 2006 से भारी निर्माण किया जा रहा है। निर्माण स्थल के समीप ही फॉरेस्ट चौकी है लेकिन वन विभाग इस अतिक्रमण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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याचिकाकर्ता ने वन विभाग और राज्य सरकार के उच्चाधिकारियों से कई बार इसकी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।