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Uttarakhand HC: एक मई को होगी पूर्व CM त्रिवेंद्र सिंह रावत के स्टिंग्स मामले की सुनवाई, पढ़ें पूरा मामला
Thu, 27 Mar 2025 11:31 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 27 Mar 2025 11:31 PM IST
सार
मामले के अनुसार 2018 में उमेश कुमार शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस प्रकरण में याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और उनके सहयोगी की ओर से दाखिल अमेंडमेंट एप्लीकेशन पर सरकारी वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के स्टिंग्स मामले की सुनवाई के लिए एक मई की तिथि नियत की है। मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की।
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बता दें कि 2018 में उमेश कुमार की ओर से दायर याचिका में त्रिवेंद्र रावत पर नोटबंदी के दौरान झारखंड में एक व्यक्ति को गौ सेवा आयोग का अध्यक्ष बनवाने हेतु उत्तराखंड के विभिन बैंक खातों में लिए गए घूस के पैसों के आरोपों के अलावा सूर्यधार लेक, भाई-भतीजों और नजदीकियों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया गया था।
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मामले के अनुसार 2018 में उमेश कुमार शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस प्रकरण में याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और उनके सहयोगी की ओर से दाखिल अमेंडमेंट एप्लीकेशन पर सरकारी वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा। वर्ष 2018 में विधायक खानपुर उमेश कुमार के अधिवक्ता ने तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत उनके भाई, भतीजे और सहयोग संजय गुप्ता को प्रतिवादी बनाकर याचिका दाखिल की गई थी जिस पर कोर्ट त्रिवेन्द्र रावत के भाई, भतीजे और सहयोगी संजय गुप्ता को नोटिस जारी करके जवाब मांगा था।
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याचिका में त्रिवेंद्र सिंह रावत, ओम प्रकाश, पंडित आयुष गौड़, अरविंद कुमार, संजय गुप्ता सहित अन्य को पक्षकार बनाया गया है। कोर्ट ने इस प्रकरण पर सुनवाई के लिए एक मई की तिथि नियत की है।