अमनमणि प्रकरण: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए दिया 10 दिन का समय
- यूपी विधायक अमनमणि को बदरी-केदार का पास जारी करने का मामला
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने यूपी के विधायक अमनमणि त्रिपाठी को लॉकडाउन के दौरान बदरीनाथ-केदारनाथ जाने के लिए पास जारी करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को दस दिन का समय जवाब दाखिल करने के लिए दिया है।
प्रदेश सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से अतिरिक्त समय मांगा था। पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि आखिर किन हालात में इन्हें स्पेशल पास जारी किए गए हैं। जबकि भारत सरकार की ओर से राज्यों को लॉकडाउन की विस्तृत गाइड लाइन जारी की गई थी।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी उमेश शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उत्तराखंड शासन में अपर सचिव ओम प्रकाश की ओर से विधायक अमनमणि त्रिपाठी सहित 10 लोगों को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता के पितृकर्म के लिए बदरीनाथ और केदारनाथ धाम जाने को विशेष पास जारी किए थे।
रुद्रप्रयाग में पुलिस ने पकड़ा था विधायक को
जिसके बाद विधायक को रुद्रप्रयाग में पुलिस ने पकड़ा था। याचिकाकर्ता का कहना था कि लॉकडाउन में केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को जारी गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराने का आदेश दिया था। बावजूद इसके उत्तराखंड सरकार की ओर से पास जारी करना गलत है।
सरकार ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का उल्लंघन किया है। याचिकाकर्ता की ओर से इस प्रकरण की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को दस दिन के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।