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छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपी कांतिराम जोशी को हाईकोर्ट का झटका, गिरफ्तारी पर रोक की याचिका खारिज
Tue, 26 Feb 2019 08:29 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 26 Feb 2019 08:29 AM IST
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हाईकोर्ट ने अनियमितता के आरोपी समाज कल्याण विभाग देहरादून के नोडल अधिकारी कांतिराम जोशी की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी।
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न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार कांतिराम के खिलाफ 29 जनवरी 2019 को डालनवाला थाने में देहरादून के जिला समाज कल्याण अधिकारी, पदेन जिला प्रबंधक बहुउद्देश्यीय वित्त विकास निगम ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 371, 120बी के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए आरोप लगाया था कि कांतिराम जोशी 2001 में जब देहरादून समाज कल्याण विभाग में अपर जिला विकास अधिकारी थे, तब उन्होंने स्पेशल कंपोनेंट प्लान के अंतर्गत प्रेमनगर चुंगी क्षेत्र में बने 28 दुकानों में से आठ दुकानों को अपात्र लोगों को आवंटित कर दिया था।
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इसकी जांच तत्कालीन जिला अधिकारी ने की थी और 21 अक्तूबर 2003 को कांतिराम को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई थी। इस एफआईआर का विरोध करते हुए कांतिराम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर निरस्त करने, अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिकाकर्ता के अनुसार समाज कल्याण विभाग में हुए छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के लिए 8 मार्च 2017 को उन्हें शासन ने नोडल अधिकारी नियुक्त किया था।
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उस वक्त वह विभाग में आईटी सेल में तैनात थे। याची का कहना था कि उन्होंने छात्रवृत्ति घोटाले के खुलासे में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसलिए द्वेष भावना से प्रेरित होकर उनके खिलाफ यह मुकदमा दर्ज किया गया। सोमवार को याचिकाकर्ता की पैरवी के लिए कोई अधिवक्ता न होने पर याचिका को खारिज कर दिया।