Uttarakhand NH 74 Scam: हाईकोर्ट ने दस आरोपियों के मामले में ईडी को दिए आपत्ति दाखिल करने के निर्देश
दस लोगों ने अलग-अलग याचिकाएं दायर कर निचली अदालत के 28 अप्रैल 2022 के आदेश को चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया था कि निचली अदालत के आदेश पर उनके खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे।
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने एनएच 74 घोटाले के दस आरोपियों के मामले में ईडी को एक सप्ताह के भीतर उनकी याचिकाओं में आपत्ति पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई एक मार्च को होगी। न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
दस लोगों ने अलग-अलग याचिकाएं दायर कर निचली अदालत के 28 अप्रैल 2022 के आदेश को चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया था कि निचली अदालत के आदेश पर उनके खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। याचिकाओं में इस आदेश पर सवाल उठाते हुए गलत बताया गया था।
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याचिका के अनुसार घोटाले में आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग शिकायतें दर्ज हैं। किसी के खिलाफ एक तो किसी के खिलाफ दो या तीन केस हैं। एक के खिलाफ सात शिकायतें दर्ज है। अगर वे एक केस में उपस्थित नहीं होने का प्रार्थना पत्र देते है तो उन्हें अन्य छह केसों में भी प्रार्थना पत्र देना पड़ेगा। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कुछ भी आदेश हो सकता है। इसलिए इस आदेश को निरस्त किया जाए।
इन्होंने दायर की थी याचिका
डीपी सिंह, अर्पण कुमार, संजय कुमार चौहान, विकास कुमार, बोले लाल, भगत सिंह फोनिया, मदन मोहन पलड़िया, बरिंदर सिंह बलवंत सिंह, रमेश कुमार और ओम प्रकाश।
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एनएच 74 घोटाले में एसआईटी ने 2017 में करोड़ों रुपये के घोटाले की पुष्टि की थी। इसमें कई अधिकारी, कर्मचारी व किसानों के नाम सामने आए थे। आरोप था कि इन लोगों ने किसानों की कृषि योग्य भूमि को अकृषि दिखाकर घोटाला किया है। एक मार्च 2017 को तत्कालीन आयुक्त सेंथिल पांडियन ने घोटाले की आंशका जताई थी और डीएम ऊधमसिंह नगर को जांच के आदेश दिए थे। जांच सही पाए जाने पर तत्कालीन एडीएम प्रताप साह ने पंतनगर के सिडकुल थाने में रिपोर्ट दर्ज की थी। इनके अलावा कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए थे। उन्हें जेल भेज दिया गया था। दो आईएएस अधिकारी भी निलंबित भी हुए। हालांकि अभी एनएच 74 घोटाले के आरोपी जमानत पर रिहा है।