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हाईकोर्टः पूर्व मुख्यमंत्रियों को दी गईं सुविधाओं का बकाया माफ करने के अध्यादेश पर सुनवाई बंद

Mon, 17 Feb 2020 10:59 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 17 Feb 2020 10:59 PM IST
सार

  • नई जनहित याचिका विचाराधीन, इस पर 25 फरवरी को होगी सुनवाई

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Uttarakhand High court close hearing on ordinance to waive arrears of facilities given to former CM
नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों का आवास सहित अन्य सुविधाओं का बकाया माफ करने के अध्यादेश के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद उसे बंद कर दिया है।

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कोर्ट में अध्यादेश के अधिनियम बनने के खिलाफ दायर नई जनहित याचिका विचाराधीन है, जिस पर सुनवाई 25 फरवरी को होगी। नई जनहित याचिका में कोर्ट ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी, केंद्रीय मंत्री, पूर्व सीएम डा. रमेश पोखरियाल निशंक सहित अन्य को नोटिस जारी किया है जिस पर सुनवाई 25 फरवरी को होगी।
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मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार रूलक संस्था ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर राज्य सरकार के अध्यादेश को चुनौती देते हुए कहा था कि इस अध्यादेश में सुविधाओं का बकाया बहुत हद तक माफ किया है।
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याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार इस अध्यादेश को विधानसभा में पारित कर अधिनियम बना चुकी है, जिसे याचिकाकर्ता ने फिर से जनहित याचिका के माध्यम से चुनौती दी है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पुरानी जनहित याचिका को बंद कर दिया है।

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