फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand High Court cancelled amendment application of encroachers of railway land in Haldwani

Uttarakhand: हाई कोर्ट ने हल्द्वानी में रेलवे भूमि के अतिक्रमणकारियों का संशोधन प्रार्थना पत्र किया निरस्त

Mon, 31 Oct 2022 10:41 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 31 Oct 2022 10:41 PM IST
सार

सोमवार को इस आदेश में संशोधन के लिए अतिक्रमणकारियों की तरफ से न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया। जिसे खंडपीठ ने निरस्त कर दिया। खंडपीठ ने रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर दायर जनहित याचिका में पूरे दिन सुनवाई की।

विज्ञापन
Uttarakhand High Court cancelled amendment application of encroachers of railway land in Haldwani
नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

हाईकोर्ट ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर हुए अतिक्रमण मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद अतिक्रमणकारियों की ओर से दायर संशोधन प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने इस मामले में सोमवार पूरे दिन कोर्ट में सुनवाई की। आज (मंगलवार) भी सुनवाई जारी रहेगी। खंडपीठ ने कहा कि कोर्ट ने वर्ष 2019 में आदेश दिया था कि पब्लिक परमिशन एक्ट (पीपी एक्ट) के तहत रेलवे अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर उसमें सुनवाई करे।

विज्ञापन


नौ नवंबर 2016 को हाईकोर्ट में गौलापार (हल्द्वानी) निवासी रविशंकर जोशी की ओर से जनहित याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने दस हफ्ते में रेलवे की भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि रेलवे सभी अतिक्रमणकारियों को पीपी एक्ट के तहत नोटिस देकर जनसुनवाई करे। 
विज्ञापन


रेलवे की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि हल्द्वानी में रेलवे की 29 एकड़ भूमि पर अतिक्रमण किया गया है और यहां करीब 4365 लोग रह रहे हैं। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद रेलवे ने इन लोगों को पीपी एक्ट में नोटिस देने के बाद सुनवाई प्रक्रिया पूरी कर ली है। सुनवाई के दौरान किसी भी व्यक्ति के पास जमीन के वैध कागजात नहीं पाए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


अतिक्रमणकारियों को हटाने के लिए रेलवे ने जिला प्रशासन को दो बार सुरक्षा दिलाने के लिए पत्र भेजे लेकिन जिला प्रशासन ने इन पत्रों का जवाब तक नहीं दिया। दिसंबर 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को दिशा निर्देश दिए थे कि अगर रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण है तो पटरी के आसपास रहने वाले लोगों को दो हफ्ते और उसके बाहर रहने वाले लोगों को छह हफ्ते का नोटिस देकर हटाएं ताकि रेलवे का विस्तार हो सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed