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21 अध्यापकों के तबादला आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, जानिए पूरा मामला
Fri, 05 Jul 2019 08:25 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Fri, 05 Jul 2019 08:25 PM IST
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 21 अध्यापकों के तबादला आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने सहायक अध्यापक का स्थानांतरण राजकीय इंटर कॉलेज ढिकुली रामनगर से राजकीय हाईस्कूल लालनगरी जिला अल्मोड़ा में किए जाने के आदेश पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन को तीन सप्ताह के भीतर तबादला अधिनियम 2017 के प्रावधानों के तहत निस्तारित करने के निर्देश मंडलीय अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा कुमाऊं मंडल को दिए हैं।
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न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। रामनगर निवासी रघुवीर सिंह और लगभग 20 अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। रघुवीर ने याचिका में कहा था कि वह जीआईसी ढिकुली रामनगर में सहायक अध्यापक गणित के पद कार्यरत है। याचिकाकर्ता का कहना था कि मंडलीय अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा कुमाऊं मंडल की ओर से 25 जून 2019 को आदेश जारी कर याचिकाकर्ता का स्थानांतरण जीआईसी ढिकुली रामनगर से राजकीय हाईस्कूल लालनगरी जिला अल्मोड़ा कर दिया गया है।
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याचिकाकर्ता का कहना था कि वे पति-पत्नी दोनों शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के पद पर ढिकुली रामनगर में तैनात हैं। नियम के तहत पति और पत्नी को यथासंभव एक स्थान पर तैनात रखा जाना चाहिए। याचिकाकर्ता का यह भी कहना था कि विद्यालय का कोटिकरण भी गलत किया गया जबकि समीपवर्ती विद्यालय जैसे जीआईसी जस्सागांजा, करनपुर, सिमलखा को दुर्गम श्रेणी का विद्यालय दर्शाया गया है लेकिन याचिकाकर्ता के विद्यालय को सुगम दिखाया गया है।
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प्रधानाचार्य ने समय-समय पर कोटिकरण सही करने के लिए विभागीय अधिकारियों से निवेदन भी किया था। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने स्थानांतरण के आदेश पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन को तीन सप्ताह के भीतर तबादला अधिनियम 2017 के प्रावधानों के तहत निस्तारित करने के निर्देश दिए। याचिका दायर करने वाले अन्य शिक्षकों के तबादला आदेश पर भी फिलहाल रोक लगा दी है।