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उत्तराखंड ने भी नेपाल के लिए भेजी मदद
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 28 Apr 2015 11:15 AM IST
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उत्तराखंड ने भूकंप की मार से कराह रहे नेपाल की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।
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सोमवार को सचिवालय में हुई बैठक में नेपाल के लिए राहत सामग्री जुटाने का फैसला किया गया। नेपाल में राहत कार्यों के संबंध में सोमवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की फोन पर बातचीत भी हुई।
मुख्यमंत्री के मुताबिक टनकपुर और रुद्रपुर डिपो से 25 बसों को रेस्क्यू टीम और जरूरी सामान लेकर नेपाल रवाना किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य की एसडीआरएफ को नेपाल भेजने का भी आग्रह किया था। मुख्यमंत्री के मुताबिक चारधाम यात्रा की वजह से फिलहाल यह संभव नहीं हो पाया है।
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लेकिन, प्रदेश सरकार ने समन्वय और राहत कार्यों के लिए संयुक्त सचिव स्तर के चार अफसरों को नेपाल भेजने का फैसला किया है। साथ ही राज्य सरकार उत्तराखंड-नेपाल की सीमा पर फंसे हुए पर्यटकों को निकालने के लिए मानव संसाधन उपलब्ध कराएगी।
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सरकार ने ऊधमसिंह नगर समेत अन्य जिलाधिकारियों को राहत सामग्री और जरूरी सामान जुटाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नेपाल में फंसे चार ओएनजीसी से कर्मियों का मामला सरकार के संज्ञान में है।
बचाव का काम भारतीय वायु सेना कर रही है। जरूरत पड़ी तो प्रदेश सरकार भी जरूरी कदम उठाएगी। आयुक्त कुमाऊं के अलावा ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़ और चंपावत के जिलाधिकारियों को नेपाल के अधिकारियों से संपर्क में रहने के लिए गया है।
साथ ही मुख्य सचिव एन रविशंकर को नेपाल में रह रहे प्रदेशवासियों का ब्यौरा तैयार करने और उनसे संपर्क करने का निर्देश दिया गया है। उधर, चंपावत प्रशासन के हवाले से बताया गया कि नेपाल गई बसें वहां फंसे भारतियों को लेकर आएंगी। टीम में एक प्लाटून पीएसी और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी शामिल है।