उत्तराखंड: हल्द्वानी, अल्मोड़ा, धारचूला, गुप्तकाशी और बड़कोट के लिए हेली सेवा जल्द
- हल्द्वानी, अल्मोड़ा, धारचूला, गुप्तकाशी और बड़कोट के लिए हेली सेवा जल्द
- नागरिक उड्डयन मंत्रालय और फिक्की के हेली समिट में सीएम त्रिवेंद्र रावत ने दी जानकारी
- उड़ान योजना के तहत बेहतर काम करने के लिए उत्तराखंड को मिला प्रोएक्टिव पुरस्कार
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कुमाऊं में हल्द्वानी, अल्मोड़ा, धारचूला और गढ़वाल में गुप्तकाशी, बड़कोट के लिए उड़ान योजना के तहत जल्द ही हेली सेवा शुुरू होगी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और फिक्की की ओर से आयोजित हेली समिट का उद्घाटन करते हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ये जानकारी दी।
सीएम ने बताया कि उड़ान योजना के तहत यह हेली सेवाएं शुरू की जाएंगी। इस योजना के तहत हेली सेवा शुरू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य है और इसके लिए प्रदेश को प्रोएक्टिव पुरस्कार भी मिला है। उड़ान सेवा दो के तहत देहरादून, श्रीनगर, टिहरी सेवा पवन हंस की ओर से शुरू की जा चुकी है।
हेली सेवा का आपदा में बेहतर उपयोग
सीएम के मुताबिक हेली सेवा का आपदा में बेहतर उपयोग होता है और यही वजह है कि हेली कनेक्टिविटी को अधिक से अधिक करने की कोशिश है। प्रदेश में पचास हेलीपैड बनाए जा चुके हैं। और भी हेलीपैड बनाए जा रहे हैं।
केंद्रीय सचिव ने सहस्रधारा हैलीपैड को बताया मॉडल
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और फिक्की की ओर से आयोजित हेली समिट में नागरिक उड्डयन के केंद्रीय सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने सहस्रधारा हेलीपैड को मॉडल हेलीपैड बताया और कहा कि हेली सेवाओं के प्रदेश में विस्तार के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा। सचिव ने कहा कि हेली सेवाओं को आम आदमी के दायरे में लाने की जरूरत है।
बता दें कि देश में पहला हेली समिट का आयोजन भी पिछले वर्ष उत्तराखंड ने ही किया था। इसी समिट के आधार पर हेली सेवा की एसओपी और दिशा निर्देश भी जारी किए गए थे। समिट में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवा बरसात के बाद शुरू की जाएगी। प्रदेश सरकार की ओर से हेली सेवा की पूरी तैयारी की जा चुकी है। करीब आठ कंपिनयों को फाइनल किया गया है। कोविड के कारण हेली सेवाओं का संचालन नहीं हो सका।