Uttarakhand: कल भारी बारिश का अलर्ट, नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचा, दून-हरिद्वार में स्कूल बंद
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, राहत- बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश जारी किए हैं।
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), देहरादून द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आज और कल प्रदेश के कई जनपदों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली चमकने तथा तेज से अत्यंत तेज वर्षा के दौर की संभावना व्यक्त की गई है। इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक एहतियाती एवं सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने, राहत- बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने, आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों एवं विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने, सड़क मार्गों की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से मौसम विभाग की जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
देहरादून और हरिद्वार में कल स्कूल बंद
हरिद्वार और दून में बारिश के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए डीएम ने कक्षा एक से 12 तक और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
चार राज्य मार्ग समेत 70 मार्ग बंद
प्रदेश में चार राज्यमार्ग 70 मार्ग बंद हैं। एसईओसी से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसमें सबसे अधिक मार्ग देहरादून और पिथौरागढ़ जिले में 14-14 बंद हैं। देहरादून जिले में तीन राज्यमार्ग बंद हैं। चमोली में 10, पौड़ी और टिहरी में आठ-आठ, बागेश्वर छह, रुद्रप्रयाग चार और चंपावत, अल्मोड़ा और नैनीताल में दो-दो मार्ग बंद हैं।
नदियों का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचा
बारिश के चलते नदियों का जल स्तर बढ़ गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बदरीनाथ में अलकनंदा नदी का खतरे का जल स्तर 3113 मीटर है, यहां पर नदी कार जल स्तर 3111.48 मीटर तक पहुंच गया था। रुद्रप्रयाग, श्रीनगर में नदी का जल स्तर घट रहा है। उत्तरकाशी में भागीरथी नदी खतरे का जल स्तर 1123 मीटर है, यहां पर नदी का जल स्तर 1119.60 मीटर तक पहुंच गया था। बाद में नदी का जल स्तर कम होने लगा। कोटेश्वर देवप्रयाग में भी यही स्थिति रही है, यहां भी नदी का जल स्तर घट रहा है। देव प्रयाग में जल स्तर स्थिर बना हुआ है।
पिंडर नदी का भी जल स्तर नंदकेसरी और कर्णप्रयाग में खतरे के जल स्तर के पास पहुंच रहा था, बाद में यह भी कम होने लगा। हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा नदी का जल स्तर कम हो रहा है। वहीं, धारचूला में काली नदी का खतरे का जल स्तर 890 मीटर है, यहां पर नदी का जल स्तर 888.40 तक पहुंच गया। यहां पर नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। धारचूला में 25 एमएम बरसात रिपोर्ट हुई है। पिथौरागढ़ में सरयू और जौलजीबी में गोरी नदी का जल स्तर बढ़ रहा है।