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हरेला 2021: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया वृक्षारोपण, कहा- गुलदस्ता नहीं मुझे पौधा दें, सहेज कर रखा जाएगा

Fri, 16 Jul 2021 02:09 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 16 Jul 2021 02:09 PM IST
सार

बता दें कि पिछले साल हरेला पर्व के दिन एक घंटे में तीन लाख 71 हजार पौधे लगाकर रिकॉर्ड बनाया गया था। इस बार इस रिकॉर्ड को तोड़ने की तैयारी है। 

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harela - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिछले साल की तरह इस बार भी आज शुक्रवार को हरेला पर्व को यादगार बनाया जा रहा है। हरेला पर्व पर इस बार देहरादून जिला प्रशासन की ओर से चार लाख से अधिक पौधे लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से दो लाख 15 हजार पौधे सिर्फ वन विभाग की ओर से लगाए जा रहे हैं।

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जबकि, नगर निगम प्रशासन की ओर से दस हजार व मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की ओर से 15 हजार पौधे लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। नगर पंचायतों, जिला पंचायत, ग्राम पंचायतोें के जरिए पौधरोपण किया जा रहा है।
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राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को दी हरेला पर्व की शुभकामनाएं 
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने प्रदेशवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए अपने संदेश में कहा कि हरेला पर्व हमारी परंपराओं व संस्कृति से जुड़ा पर्यावरण संरक्षण का महोत्सव है। देवभूमि उत्तराखंड में प्रकृति प्रेम एवं पर्यावरण संरक्षण की प्राचीन परंपरा रही है। हमें अपनी पर्यावरण हितैषी परंपराओं को आगे बढ़ाना चाहिए। 


हरेला पर्व हमारी सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक : धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरेला पर्व के अवसर पर एसडीआरएफ बटालियन, जौलीग्रांट में वृक्षारोपण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेला उत्तराखंड का महत्वपूर्ण लोक पर्व है। इस दौरान उन्होंने कहा कि गुलदस्ते नहीं बदले में एक पौधा दें। हरेला पर्व पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मुझे गुलदस्ता मत दें। एक पौधा देंगे तो उसे सहेज कर रखा जाएगा।

हमें व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण के साथ ही उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना होगा। विज्ञान तेजी से तरक्की कर रहा है।  इससे मानव जीवन में सुख सुविधाएं तो बढ़ी हैं, लेकिन पर्यावरण संतुलन के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण जरुरी है।

कोविड की वजह से वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति चिंता बढ़ी है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान उत्तराखंड पुलिस द्वारा सराहनीय कार्य किया किया गया। मिशन हौसला के तहत पुलिस द्वारा अनेक जरूरतमंदों की सेवा की गई।

स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड कि संस्कृति से जुड़ा पर्व है। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ द्वारा उत्तराखंड में सराहनीय कार्य कार्य किया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि इस वर्ष पुलिस द्वारा प्रदेश में एक लाख वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया था। 5 जून से अभी तक पुलिस द्वारा 90 हजार से अधिक वृक्षारोपण किए जा चुके हैं।

कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने भी हरेला पर्व के मौके पौध रोपण किया।

मंत्री रेखा आर्य ने बच्चों के साथ मनाया हरेला पर्व 

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य आज विज्ञानधाम झाझरा में वृक्षारोपण कर हरेला पर्व मनाया। इससे पहले वह बालिका निकेतन केदारपुरम गईं। इसके बाद उन्होंने बालिका निकेतन की बालिकाओं के साथ विज्ञानधाम में फलों के पौधे लगाए। वहीं बालिकाओं को विज्ञान धाम का भ्रमण कराया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के स्लोगन भी प्रदर्शित किए गए।


हरेला पर्व पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत लगाए पौधे
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आज से (16 जुलाई) चमोली जिले के चार दिवसीय भ्रमण पर रहेंगे और हरेला पर्व के तहत उन्होंने जगह-जगह पौधे रोपे हैं। वह 16 जुलाई को कर्णप्रयाग व सिमली में पौधरोपण करेंगे और शाम 5.30 बजे भराड़ीसैंण (गैरसैंण) पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगे।

17 जुलाई को 10.30 बजे कर्णप्रयाग में पार्टी कार्यकर्ताओं से भेंटकर पीपलकोटी में पौधेरोपण करेंगे। फिर पाखी होते हुए 3.30 बजे कल्पेश्वर के बाद जोशीमठ पहुंचेंगे। 18 जुलाई को सुबह 10.30 बजे भविष्यबद्री तथा 12 बजे तपोवन में पौधरोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे।

अपराह्न 4 बजे गोपेश्वर पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन 19 जुलाई को प्रात: 9 बजे गोपेश्वर से चोपता, रुद्रप्रयाग के लिए प्रस्थान करेंगे। 

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