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आपदा के 'जख्म' भरने के लिए मिली केंद्र से हरी झंडी
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 11 Dec 2013 11:08 AM IST
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आपदा के बाद पुनर्निर्माण एवं पुनर्स्थापना के कार्यों के लिए उत्तराखंड सरकार के प्लान पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन उत्तराखंड (सीसीयू) ने मंजूरी दे दी है।
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100 करोड़ रुपए अतिरिक्त देगा केंद्र
अब उत्तराखंड सरकार को 7346 करोड़ रुपए की राशि अगले तीन साल तक किस्तवार मिलेगी। इसके साथ ही एनडीआरएफ की गाइडलाइन से इतर दिये जाने वाले मुआवजे के लिए केंद्र 100 करोड़ रुपए अतिरिक्त देगा।
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सोमवार को 7 रेसकोर्स रोड स्थित प्रधानमंत्री निवास में उत्तराखंड के पुनर्निर्माण एवं पुनर्वास योजना के लिए गठित कैबिनेट कमेटी की बैठक में 11 अक्तूबर को अंतर मंत्रिमंडलीय समूह से पारित 7346 करोड़ के प्लान पर चर्चा हुई।
इसमें तय हुआ कि प्लान की पहली किस्त इसी माह राज्य सरकार को दी जाएगी। इसके बाद तीन वर्ष तक लगातार धनराशि की किस्तें मिलती रहेंगी।
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इस प्लान में वाह्य सहायतित में एडीबी और वर्ल्ड बैंक की लगभग 3161 करोड़ रुपए की परियोजनाओं के अलावा एनडीआरएफ में 1200 करोड़ रुपए, केंद्र पोषित योजनाओं के तहत विभिन्न विभागों के लिए 1885 करोड़ रुपए का प्लान और अतिरिक्त विशेष सहायता में 1100 करोड़ शामिल हैं।
योजना आयोग ने राज्य सरकार के इस प्लान को 30 सितंबर को स्वीकृति दी थी, लेकिन बाद में विशेष पैकेज से सड़क और पुल निर्माण की प्रस्तावित राशि में कटौती की थी।
सभी जनपदों में होगा खर्च
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के अनुरोध पर कमेटी ने आपदा के विशेष पैकेज को पहले पांच जनपदों रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में खर्च करने के बदले अब सभी जनपदों में व्यय करने की अनुमति दे दी है।
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इस प्रावधान का फायदा राज्य सरकार को मिलेगा। पर्वतीय जनपदों में सर्दियां शुरू होने से निर्माण कार्य में आने वाली दिक्कत के चलते सरकार अब मैदानी जनपदों में पुनर्निर्माण के कार्य शुरू कर सकेगी।
गाइडलाइन पर चलने की ताकीद
आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में मुआवजा बांटते समय राज्य सरकार ने एनडीआरएफ की गाइडलाइन की अनदेखी की थी। जैसे खच्चर मालिकों को 50 हजार रुपए का मुआवजा दिया गया जबकि प्रावधान 15 हजार का है।
वहीं व्यावसायिक भवन, होटल आदि के लिए भी राज्य सरकार ने मुआवजा तय कर दिया था। एनडीआरएफ में इसकी व्यवस्था न होने के कारण केंद्र सरकार राज्य को 100 करोड़ रुपए अतिरिक्त दे रही है जिससे गाइडलाइन से इतर दिए गए मुआवजे की भरपाई की जा सके।