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उत्तराखंडः उपनल कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन तय करेगी सरकार, नियमावली बनाने के निर्देश 

Fri, 28 Feb 2020 02:49 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 28 Feb 2020 02:49 PM IST
सार

  • कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से हुई वार्ता में शहरी विकास मंत्री ने दिया आश्वासन
  • 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कार्मिकों को हटाने संबंधी नियम पर भी देंगे कर्मचारियों को राहत 

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Uttarakhand: Government will decide the minimum salary of upnl employees, instructions to make rules
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

राज्य सरकार विभिन्न विभागों में कार्यरत उपनलकर्मियों का न्यूनतम वेतन तय करेगी। समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग पर सरकार ने यह आश्वासन दिया है। कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई वार्ता में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने यह बात कही। 

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बृहस्पतिवार को हुई बैठक में कर्मचारी संगठनों ने उपनलकर्मियों को नियमित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आठ-दस साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मियों को समायोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्षों से काम कर रहे कर्मचारी अब कहां जाएंगे। उनके सुरक्षित भविष्य के लिए नियमावली बनाई जानी चाहिए। हाईकोर्ट भी कर्मचारियों के लिए नियमावली बनाने के निर्देश दे चुका है। साथ ही उन्होंने कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग भी की।
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मदन कौशिक ने कहा कि समान कार्य के लिए समान वेतन और न्यूनतम वेतन के लिए नियमावली बनाई जाएगी। उन्होंने कार्मिक विभाग को नियमावली बनाने के निर्देश दिए। कौशिक ने कहा कि सरकार किसी भी कार्मिक को नौकरी से नहीं निकाल रही है। बैठक में उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री हेमंत रावत और कोषाध्यक्ष कुशाग्र जोशी ने कर्मियों का पक्ष रखा। 
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2018 में भी हुई थी वित्त मंत्री से वार्ता

उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री हेमंत रावत ने बताया कि वर्ष 2018 में तत्कालीन वित्त मंत्री प्रकाश पंत से इन सभी बिंदुओं पर सकारात्मक वार्ता हुई थी। उन्होंने कहा कि उसके बाद भी सरकार ने किसी मामले में कार्रवाई नहीं की। एक तरफ सरकार किसी कर्मचारी को नौकरी से न हटाने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर कई विभाग कर्मियों को निकाल रहे हैं। 

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