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एमआई-17 हुआ 'फेल' अब एमआई-26 की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 21 Jun 2014 03:32 PM IST
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उत्तराखंड सरकार को एमआई-17 तब मिला है जब पहाड़ों का मौसम विपरीत परिस्थितियों में है।
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दो दिनों से गोचर में खड़ा एमआई-17
केंद्र सरकार ने दुर्गम और बदहाल इलाकों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए एमआई-17 हेलीकॉप्टर तो दे दिया लेकिन खराब मौसम के चलते दो दिनों से गोचर में आकर खड़ा है।
सरकार ने इसी को ध्यान में रखकर अब बड़े एमआई-26 हेलीकॉप्टर की मांग की है। इसे लेकर दिल्ली में मुख्यमंत्री ने भी आलाधिकारियों के साथ बातचीत की।
एयरफोर्स की हामी के बाद अब 30 जून को एयरफोर्स का तकनीकी दल एमआई 26 की केदारनाथ में लैंडिंग की व्यवस्था का जायजा लेगा।
एमआई- 26 पुनर्निर्माण के लिए मशीनें और अन्य भारी सामान लेकर केदारनाथ जाएगा। लैंडिंग के लिए धाम में ठोस जगह होनी चाहिए। लैंडिंग सुविधा न होने के चलते ही अब तक एमआई- 26 नहीं मिल पाया।
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शुक्रवार को मुख्य सचिव सुभाष कुमार की रक्षा सचिव के साथ हुई बैठक में एमआई-26 देने पर भी सहमति बन गई है।
हालांकि आकार में बड़े और खराब मौसम में भी कारगर एमआई-26 को केदारघाटी में उतारा कहा जाएं यह सवाल खड़ा हो गया है।
दस मिट्रिक टन तक पहुंचाया जा सकता है सामान
इसी का समाधान खोजने के लिए वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी जल्द उत्तराखंड आएंगे और हेलीपैड की जगह सुनिश्चित करेंगे। एमआई-26 की मदद से दस मिट्रिक टन तक सामान पहुंचाया जा सकता है।
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प्रदेश सरकार लंबे समय से एमआई-17 की मांग कर रही थी। अब बदले मौसम और जरूरतों को देखकर एमआई-26 मांगा है। दरअसल केदारघाटी में पुनर्निर्माण का काम शुरू होना है।
आपदा में बह कर आया लाखों टन मलबा जिसमें बड़े-बड़े बोल्डर आदि शामिल हैं उन्हें हटाने केलिए बड़ी मशीनों की आवश्यकता है।
केदारनाथ तक किसी तरह लोगों को पहुंचाने के लिए छोटे वाहनों का सड़क मार्ग तो तैयार हो गया है लेकिन ट्रक से सामान नहीं पहुंच सकता है।
इसी को देखते हुए एमआई-26 मांगा है जो डोजर, क्रेन, पुलों से संबंधित हिस्से आदि पहुंचाने में कारगर होगा।