एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा के लिए एडीबी से लोन लेने पर होगा विचार
- कोरोनाकाल में बजट का संकट, सुरक्षा के होने हैं कई काम
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उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा के कार्यों को पूरा करने के लिए सरकार एशियन डेवलपमेंट बैंक से लोन लेने पर विचार कर रही है। परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने यह जानकारी दी। बकौल आर्य, कोरोनाकाल में सरकार के सामने भी स्थितियां सामान्य नहीं हैं। ऐसे हालातों में सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को पूरा करने के लिए एडीबी से वित्तीय सहायता लेने के विकल्प पर सोचा जा रहा है।
इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। राज्यस्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बजट का मुद्दा प्रमुखता से उठा था। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबंधन समिति ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 19 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
इस धनराशि से परिवहन, पुलिस, चिकित्सा व लोक निर्माण विभाग में दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने और जीवन रक्षा के उपाय जुटाने के कार्य हो रहे हैं। लेकिन कोरोना के कारण खराब आर्थिक स्थिति के बीच समय पर धन की व्यवस्था में कठिनाई हो रही है। वहीं, वित्त विभाग से अनुपूरक बजट में अधिक धनराशि की व्यवस्था करने को कहा गया है।
4. 4143 किमी पर क्रैश बैरियर लगाने बाकी
पर्वतीय क्षेत्रों में 12299 किमी सड़कों पर क्रैश बैरियर लगाए जाने हैं। इनमें से 47.39 प्रतिशत हिस्से पर ही क्रैश बैरियर लगाए जा सके हैं। करीब 7877 किमी मार्ग पर क्रैश बैरियर लगाने के लिए संबंधित निर्माण एजेंसियों को बजटीय प्रावधान खोजने पड़ रहे हैं।
ये होने हैं कार्य
1. रोड सेफ्टी ऑडिट
राज्य सरकार को लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग की 12299 किमी सड़कों का रोड सेफ्टी ऑडिट कराना है। 9928 किमी सड़क का सेफ्टी ऑडिट हो चुका है। 2370 किमी मार्ग का रोड सेफ्टी ऑडिट होना है। ऑडिट में सड़कों के सुधारीकरण को लेकर जो उपाय सुझाये जा रहे हैं, उन्हें ठीक करने के लिए बजट की आवश्यकता है।
2. प्रदेश में लोनिवि, एनएच, एनएचएआई, डीसीआईएल और बीआरओ की सड़कों पर 1929 दुर्घटना आशंकित क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 976 पर सुधारीकरण हो सका है। 953 का सुधारीकरण बाकी है।
3. ब्लैक स्पॉट होने हैं दुरस्त
सड़कों पर बार-बार दुर्घटनाओं के जिम्मेदार 139 ब्लैक स्पॉट चिह्तिन हैं, जिनमें से 71 का ही दीर्घकालीन सुधार हो पाया है। 68 ब्लैक स्पॉट पर अभी काम होना है। इसके लिए बजट की दरकार है।
सड़कों पर 50 प्रतिशत ब्लैक स्पॉट दुरस्त किए जा चुके हैं। कई बार नए-नए ब्लैक स्पॉट सामने आ जाते हैं। हिमालय में दलदला पहाड़ है। अतिवृष्टि के कारण ऐसे ब्लैक स्पॉट जल्दी जल्दी बनते हैं। हमारा अधिक से अधिक ब्लैक स्पॉट को शीघ्रता से सुधारने पर जोर है।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री