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स्मार्ट दून के लिए 'एक्स्ट्रा टाइम' लेगी सरकार
अनिल चन्दोला/अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 11 Mar 2016 06:12 AM IST
सार
अतिरिक्त समय लेकर प्रोजेक्ट को दोबारा क्रॉस चेक किया जाएगा ।
पिछली बार शहर के बहुत ही कम लोगों ने वोटिंग की थी।
अब तक करीब दस हजार लोग वोटिंग कर अपनी राय दे चुके हैं।
इस बार एक लाख लोगों की राय के आधार पर ही प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा।
अब तक करीब दस हजार लोग वोटिंग कर अपनी राय दे चुके हैं।
इस बार एक लाख लोगों की राय के आधार पर ही प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा।
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स्मार्ट सिटी
- फोटो : demo
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विस्तार
राज्य सरकार स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट 15 अप्रैल को नहीं बल्कि 15 जुलाई को जमा करेगी। अपनी तैयारियों को पुख्ता करने के लिए राज्य सरकार दो माह का अतिरिक्त समय लेगी। सरकार का तर्क है कि अतिरिक्त समय लेकर प्रोजेक्ट को दोबारा क्रॉस चेक किया जाएगा ताकि इस बार किसी तरह की कोई कमी ना रहे।
केंद्र सरकार ने देहरादून समेत 23 शहरों को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट दोबारा जमा करवाने के लिए 15 अप्रैल तक और 54 शहरों को 15 जुलाई तक का समय दिया है। 15 अप्रैल की डेडलाइन वाले सभी शहरों को 15 मार्च तक अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों के सुझाव और राय लेने का समय दिया गया है। इसको लेकर इन दिनों दून में भी बड़े स्तर पर वोटिंग अभियान चल रहा है।
कम वोटिंग के चलते प्रोजेक्ट नहीं हुआ पास
शहर के अलग-अलग हिस्सों में करीब दस हजार लोग वोटिंग कर अपनी राय दे चुके हैं। राज्य सरकार के पास अब केवल चार दिन का समय रह गया है। इस अवधि में करीब 90 हजार लोगों की वोटिंग करवाकर उनसे राय लेनी आसान नहीं है।
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पिछली बार देहरादून के प्रोजेक्ट को इसीलिए केंद्र सरकार ने नकार दिया था क्योंकि सिटिजन पार्टिशिपेशन (जनसहभागिता) श्रेणी में शहर के बहुत ही कम लोगों ने वोटिंग की थी। इसलिए सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि इस बार एक लाख लोगों की राय के आधार पर ही प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। 15 मार्च की तिथि नजदीक आने के बाद सरकार ने अब 15 जुलाई को प्रोजेक्ट जमा करवाने का निर्णय लिया है।
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केंद्र सरकार ने देहरादून समेत 23 शहरों को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट दोबारा जमा करवाने के लिए 15 अप्रैल तक और 54 शहरों को 15 जुलाई तक का समय दिया है। 15 अप्रैल की डेडलाइन वाले सभी शहरों को 15 मार्च तक अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों के सुझाव और राय लेने का समय दिया गया है। इसको लेकर इन दिनों दून में भी बड़े स्तर पर वोटिंग अभियान चल रहा है।
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कम वोटिंग के चलते प्रोजेक्ट नहीं हुआ पास
शहर के अलग-अलग हिस्सों में करीब दस हजार लोग वोटिंग कर अपनी राय दे चुके हैं। राज्य सरकार के पास अब केवल चार दिन का समय रह गया है। इस अवधि में करीब 90 हजार लोगों की वोटिंग करवाकर उनसे राय लेनी आसान नहीं है।
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पिछली बार देहरादून के प्रोजेक्ट को इसीलिए केंद्र सरकार ने नकार दिया था क्योंकि सिटिजन पार्टिशिपेशन (जनसहभागिता) श्रेणी में शहर के बहुत ही कम लोगों ने वोटिंग की थी। इसलिए सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि इस बार एक लाख लोगों की राय के आधार पर ही प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। 15 मार्च की तिथि नजदीक आने के बाद सरकार ने अब 15 जुलाई को प्रोजेक्ट जमा करवाने का निर्णय लिया है।
केंद्र सरकार ने जताई प्रस्ताव पर सहमति
स्मार्ट सिटी
- फोटो : अमर उजाला
राज्य सरकार ने प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार से दो माह का अतिरिक्त समय मांगा है। परियोजना के नोडल अधिकारी आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट जमा करने के लिए 15 जुलाई तक का समय देने पर सहमति जताई है।
10 हजार का आंकड़ा पार
बृहस्पतिवार को स्मार्ट सिटी पर राय देने और वोटिंग करने वालों का आंकड़ा 10 हजार के पार हो गया। इसमें से 71 फीसदी लोगों ने विकल्प पांच को अपनी पहली पसंद बताया है। इसमें ग्रीन फील्ड में 350 एकड़ में स्मार्ट सिटी और जोन चार की रेट्रोफिटिंग का विकल्प है।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में हम कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं। इसलिए चाहे दो माह का अतिरिक्त समय लग जाए लेकिन, प्रोजेक्ट की कमियों को हर स्तर पर दूर किया जाएगा। सरकार अब 15 जुलाई को अपना प्रोजेक्ट जमा करेगी।
-आर मीनाक्षी सुंदरम, नोडल अफसर, स्मार्ट सिटी
10 हजार का आंकड़ा पार
बृहस्पतिवार को स्मार्ट सिटी पर राय देने और वोटिंग करने वालों का आंकड़ा 10 हजार के पार हो गया। इसमें से 71 फीसदी लोगों ने विकल्प पांच को अपनी पहली पसंद बताया है। इसमें ग्रीन फील्ड में 350 एकड़ में स्मार्ट सिटी और जोन चार की रेट्रोफिटिंग का विकल्प है।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में हम कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं। इसलिए चाहे दो माह का अतिरिक्त समय लग जाए लेकिन, प्रोजेक्ट की कमियों को हर स्तर पर दूर किया जाएगा। सरकार अब 15 जुलाई को अपना प्रोजेक्ट जमा करेगी।
-आर मीनाक्षी सुंदरम, नोडल अफसर, स्मार्ट सिटी