उत्तराखंड में रिवर राफ्टिंग से मनोरंजन कर हटा
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प्रदेश सरकार ने रिवर राफ्टिंग से मनोरंजन कर से मुक्त कर दिया है। वित्त विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। रिवर राफ्टिंग से जुड़ी कंपनियों से 20 प्रतिशत मनोरंजन कर वसूला जा रहा था।
पिछले दिनों प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में यह मामला आया था। कैबिनेट ने रिवर राफ्टिंग को मनोरंजन कर से मुक्त करने की मंजूरी दी थी। वित्त विभाग ने प्रदेश आमोद एवं पणकर अधिनियम 1979 की धारा में संशोधन करते हुए रिवर राफ्टिंग से मनोरंजन कर हटाने की अधिसूचना जारी कर दी।
सरकार के इस निर्णय से राजकोष पर करीब दो करोड़ रुपये का व्ययभार पड़ेगा। बता दें कि पूर्व सरकार में भी ऐसा ही निर्णय हुआ था, लेकिन इसका शासनादेश जारी नहीं हो सका।
जीएसटी भी एक वजह
एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के चलते रिवर राफ्टिंग पर मनोरंजन कर हटाने के आसार जताये जा रहे थे। जीएसटी लागू होते ही मनोरंजन कर विभाग का मर्जर होना है। जीएसटी अधिनियम प्रभावी होने के बाद रिवर राफ्टिंग पर पृथक कर तय हो सकता है। इसकी दरें बाद में तय होंगी।
151 कंपनियां रिवर राफ्टिंग कारोबार से जुड़ी हैं। इनमें से अधिकांश ऋषिकेश से कौडियाला के मध्य गंगा में रिवर राफ्टिंग कराती हैं। गंगा नदी के अलावा काली नदी में भी रिवर राफ्टिंग कराई जा रही है।