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हरिद्वार SSP ने लांघी सीमा तो राज्यपाल गुस्साए
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 03 Jun 2015 02:05 PM IST
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उत्तराखंड सरकार ने एसएसपी हरिद्वार स्वीटी अग्रवाल से जवाब-तलब किया है।
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मामला भगवानपुर सीट से चुनाव जीतने के बाद विजेता ममता राकेश को प्रमाण पत्र देने का है। डीएम व प्रेक्षक जिस प्रमाण पत्र को विजयी उम्मीदवार को दे रहे थे, उसे बावर्दी स्वीटी अग्रवाल ने भी ऐसे पकड़ा था मानो कि वह भी प्रदान कर रही हों। राज्यपाल ने इस मामले का संज्ञान लिया और नोटिस जारी कर दिया गया।
इस मामले में एसएसपी के जवाब के साथ ही डीजीपी से भी अभिमत मांगा गया है। यह विगत 16 अप्रैल की घटना है। जब भगवानपुर सीट के नतीजे आए और मीडिया में प्रकाशित फोटो में एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ममता राकेश को जीत का प्रमाणपत्र देते हुए प्रेक्षक व डीएम के साथ दिखाई दीं।
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राज्यपाल कृष्णकांत पॉल ने 22 अप्रैल को मीडिया में प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते ही मुख्य सचिव को पत्र भेजकर कहा कि यह आल इंडिया सर्विस रूल का उल्लंघन है, इसलिए एसएसपी हरिद्वार को नोटिस जारी कर डीजीपी के अभिमत के साथ जवाब-तलब करें। उस वक्त मुख्य सचिव ने इस पत्र को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेज दिया जबकि यह पत्र गृह विभाग में आना था।
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कार्रवाई नहीं होने पर राज्यपाल के सचिव अरुण ढौंडियाल ने शासन को मई के आखिरी सप्ताह में पत्र लिखकर पुरानी चिट्ठी के जवाब में विलंब का कारण पूछा। इसके बाद शासन में हलचल पैदा हो गई और पत्र ढूंढवाया गया।
शासन ने 29 मई को पीएचक्यू को पत्र भेजकर डीजीपी को निर्देशित किया कि इस विषय में एसएसपी हरिद्वार का जवाब तलब कर रिपोर्ट शासन को भेजें ताकि राज्यपाल को अवगत कराया जा सके। एसएसपी की रिपोर्ट के साथ डीजीपी अपना अभिमत भी भेजें।
राज्यपाल की पुलिसिया नजर से नहीं बचीं एसएसपी
मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी का ध्यान नहीं गया, लेकिन एसएसपी हरिद्वार की अखबारों में प्रकाशित फोटो राज्यपाल कृष्णकांत पॉल की नजर से नहीं बच सकी। क्योंकि वह भी आईपीएस रहे हैं और उन्हें बेहतर पता है कि एक आईपीएस को अपनी रेखा नहीं लांघनी चाहिए। इसी वजह से उन्होंने इस मामले का संज्ञान लिया।
शासन को निर्देशित किया है कि इस मामले में एसएसपी हरिद्वार से जवाब-तलब कर महामहिम को अवगत कराएं। क्योंकि यह मामला अखिल भारतीय सेवा नियमावली के उल्लंघन से जुड़ा है।
- अरुण ढौंड़ियाल, राज्यपाल के सचिव
मुझे अभी तक शासन या पीएचक्यू से कोई नोटिस नहीं मिला है। मामला क्या है अभी मुझे किसी तरह की कोई जानकारी नहीं है।
- स्वीटी अग्रवाल, एसएसपी हरिद्वार