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Uttarakhand: एक लाख किमी चलते ही सरकारी मोटरसाइकिल हो जाएगी कबाड़, परिवहन विभाग ने जारी किया शासनादेश

Wed, 26 Jul 2023 02:42 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 26 Jul 2023 02:42 PM IST
सार

सचिव परिवहन अरविंद सिंह ह्यांकी ने सरकारी वाहनों के रखरखाव, मरम्मत व कंडम होने संबंधी पूर्व के सभी शासनादेशों को निष्क्रिय करते हुए नया शासनादेश जारी किया है।

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Uttarakhand Government motorcycle will become junk after running one lakh kilometer
सरकारी मोटरसाइकिल पर तैनात पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोई भी 300 सीसी क्षमता से कम की सरकारी मोटरसाइकिल 10 साल की आयु और एक लाख किमी चलने पर कंडम मानी जाएगी। सभी चौपहिया सरकारी वाहन 15 साल की आयु पूरी करने के बाद संचालित नहीं हो सकेंगे। वाहनों की मरम्मत के लिए परिवहन विभाग की ओर से अधिकृत गैराज या डीलर पर ही जा सकेंगे।

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सचिव परिवहन अरविंद सिंह ह्यांकी ने सरकारी वाहनों के रखरखाव, मरम्मत व कंडम होने संबंधी पूर्व के सभी शासनादेशों को निष्क्रिय करते हुए नया शासनादेश जारी किया है। इसके तहत, जिन विभागों में वाहनों के रखरखाव व मरम्मत के लिए तकनीकी स्टाफ उपलब्ध हैं, वहां उपलब्ध बजट की सीमा में तकनीकी स्टाफ की संस्तुति के बाद विभागीय कार्यशालाओं में मरम्मत कराई जा सकती है। जिन विभागों में तकनीकी स्टाफ उपलब्ध नहीं है, वे परिवहन विभाग के संभागीय निरीक्षक की तकनीकी सिफारिश के बाद परिवहन विभाग से मान्यता प्राप्त या अधिकृत गैराज या डीलर के पास मरम्मत करा सकते हैं।
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शर्त यह है कि वाहन के खरीद मूल्य का पांच प्रतिशत से अधिक खर्च संभावित न हो। अगर हो तो इसे लिए परिवहन आयुक्त से प्रशासनिक स्वीकृति लेनी होगी। अगर आकस्मिक परिस्थितियों में राजकीय वाहनों की मरम्मत की जरूरत होगी तो अधिकारी अपने वाहन की मरम्मत पर पांच हजार रुपये तक खर्च कर सकते हैं, जिसके लिए अधिकृत गैराज की अनिवार्यता नहीं है। शासनादेश के मुताबिक, ऐसे वाहन, जिनकी आयु पूरी होने वाली हो और उनकी मरम्मत पर खर्च ज्यादा आ सकता है, उनके लिए भी परिवहन विभाग निर्णय लेगा। जरूरत पड़ेगी तो उन्हें कंडम घोषित कर दिया जाएगा।

ये हैं वाहनों के कंडम होने के नियम

 

  •  सरकारी विभागों, नगर निगम, नगर पालिका, पंचायत, राज्य परिवहन उपक्रम या किसी सार्वजनिक उपक्रम के सभी वाहन जिनकी आयु पंजीकरण की तिथि से 15 साल पूरी हो जाएगी, कंडम माने जाएंगे।
  • 300 सीसी से कम इंजन क्षमता के सरकारी दुपहिया वाहन पंजीकरण की तिथि से 10 साल की आयु पूरी करने और एक लाख किलोमीटर (पर्वतीय क्षेत्र में 80 हजार किमी) चलने पर कंडम किए जा सकते हैं।
  • 300 सीसी से अधिक क्षमता के सरकारी दुपहिया वाहन 10 साल आयु व 1.25 लाख (पर्वतीय क्षेत्र में एक लाख) किलोमीटर चलने पर कंडम किए जा सकते हैं।
  • 12 साल की आयु और एक लाख किमी चलने वाले सरकारी तिपहिया वाहन कंडम किए जा सकते हैं।
  • 3000 किलोग्राम तक सकल यानभार क्षमता वाले वाहन 13 साल की आयु व 1.50 लाख किमी पर कंडम हो सकते हैं। 11 साल आयु व दो लाख किमी, नौ साल की आयु व 2.50 लाख किमी, सात साल की आयु व तीन लाख किमी पर भी कंडम किए जा सकते हैं।
  • 3000-7000 किलोग्राम भार क्षमता वाले वाहन 12 साल की आयु व 2.25 लाख किमी, 10 साल की आयु व 2.75 लाख किमी चलने पर कंडम हो सकते हैं।
  • 7500 किलोग्राम से अधिक क्षमता के वाहन 12 साल की आयु व 2.50 लाख किमी, 10 साल की आयु व तीन लाख किमी के बाद कंडम हो सकते हैं।
  • अगर कोई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है और मरम्मत लायक स्थिति में न हो। तनकीकी खराबी या वाहन संचालन व मरम्मत अधिक खर्चीला होने पर भी उसे संभागीय तकनीकी समिति की सिफारिश पर कंडम किया जा सकता है। इस समिति में संबंधित संभाग के आरटीओ, उपसंभाग के एआरटीओ, आरआई टेक्निकल शामिल होंगे।

 

वाहनों की मरम्मत व निष्प्रयोज्य घोषित करने को लेकर पूर्व के सभी शासनादेशों को अतिक्रमित करते हुए नया शासनादेश जारी किया गया है। इस आधार पर ही मरम्मत व कंडम के नियम लागू होंगे।

- अरविंद सिंह ह्यांकी, सचिव, परिवहन

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