नौकरी का इंतजार कर रहे सैकड़ों युवाओं को झटका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सचिवालय में सहायक समीक्षा अधिकारी और समीक्षा अधिकारी बनने का ख्वाब देख रहे उत्तराखंड के सैकड़ों युवाओं के लिए बुरी खबर है।
शासन ने समीक्षा और सहायक समीक्षा अधिकारियों के 180 पदों को समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही सहायक समीक्षा अधिकारियों के पद पर सीधी भर्ती परीक्षा पर भी रोक लगा दी गई है। यह कदम शुरुआती बताया जा रहा है।
भविष्य में सहायक समीक्षा अधिकारियों और कंप्यूटर सहायकों के 440 पद धीरे-धीरे समाप्त हो जाएंगे। सचिवालय सूत्र बताते हैं कि अनुभाग अधिकारी से संयुक्त सचिव पद तक के अधिकारियों को मैनेज करने के लिए निचले स्तर के पदों में यह कटौती की गई है।
कितने पदों की हुई कटौती
सचिवालय समीक्षा अधिकारी संवर्ग
पदनाम - कुल पद - कटौती के पद
समीक्षा अधिकारी - 516 - 72
सहायक समीक्षा अधिकारी - 261 - 90
सचिवालय लेखा संवर्ग
समीक्षा अधिकारी - 40 - 07
सहायक समीक्षा अधिकारी - 22 - 11
इतने पद बढ़ाए
समीक्षा अधिकारी संवर्ग
पदनाम - बढ़ाए पद
अनुभाग अधिकारी - 12
अनुसचिव - 06
उप सचिव - 03
संयुक्त सचिव - 02
लेखा संवर्ग
अनुभाग अधिकारी लेखा - 01
अनुसचिव - 01
...काम पर नहीं पड़ेगा असर!
सूत्रों के मुताबिक शासन की यह राय है कि समीक्षा अधिकारियों के पद घटाने और सहायक समीक्षा अधिकारियों के पद समाप्त करने का सचिवालय के कामकाज पर असर नहीं पड़ेगा। बताया जा रहा है कि मौजूदा कंप्यूटर सहायक काम करते रहेंगे, लेकिन भविष्य में नए पदों पर इनकी भी भर्ती नहीं होगी। कभी बहुत जरूरी हुआ तो आउटसोर्सिंग से इनकी भर्ती की जाएगी।
संगठन को कमजोर करने की साजिश
सूत्रों का कहना है कि समीक्षा और सहायक समीक्षा अधिकारियों के पदों में कटौती की एक बड़ी वजह सचिवालय में समीक्षा अधिकारियों के संगठन को कमजोर करना भी है।
बताया जा रहा है कि समीक्षा अधिकारियों का संगठन मजबूत है और कई मौकों पर यह शासन से अपनी मांगें मनवा चुका है। ऐसे में सहायक समीक्षा अधिकारियों के पद खत्म कर और समीक्षा अधिकारियों के पद घटाकर संगठन को कमजोर किया जा रहा है।
शासन की दलील
सचिव पीएस जंगपांगी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि बदलती वैश्विक कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए एवं सचिवालय की कार्यप्रणाली को और अधिक दक्ष एवं प्रभावी बनाने को लेकर सभी अनुभागों को कंप्यूटरीकृत एवं आनलाइन किए जाने के लिए भविष्य में प्रथम भर्ती का स्रोत समीक्षा अधिकारी ही रखा गया है। अब सहायक समीक्षा अधिकारियों के पदों पर भर्ती नहीं की जाएगी।
यह शासन का जनविरोधी निर्णय है। इससे भविष्य में सैकड़ों पद समाप्त हो जाएंगे। यह सीधे तौर पर बेरोजगार युवाओं से अन्याय है। सरकार के इस तरह के निर्णय का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
- रविंद्र जुगरान, राज्य आंदोलनकारी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष