आपात स्थिति में मदद के लिए युवतियों को पैनिक बटन देगी उत्तराखंड सरकार
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आपात स्थिति में युवतियों की मदद के लिए सरकार उन्हें पैनिक बटन (इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस) उपलब्ध कराएगी।
सितंबर में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस योजना की शुरूआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रदेश के किसी एक जनपद से करेंगे। नतीजे अपेक्षाओं के अनुरूप रहे तो इस योजना को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।
महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्या के समक्ष विभागीय अफसरों ने पैनिक बटन का प्रस्तुतिकरण दिया। इसके बाद वह मीडिया से मुखातिब हुईं। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 18 साल की आयु से ऊपर की युवतियों को पैनिक बटन दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पैनिक बटन मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा या रियायती दरों पर, अभी यह तय नहीं हुआ है, लेकिन सरकार की पूरी कोशिश रहेगी कि यह डिवाइस युवतियों को आसानी से मिल सके। बैठक में निदेशक बाल विकास रणवीर सिंह चौहान भी मौजूद रहे।
ऐसे काम करेगी डिवाइस
जीपीएस के माध्यम से चलने वाली इस डिवाइस के इस्तेमाल के लिए सेफ्टी एप वाला एंड्राइड फोन जरूरी होगा। यदि उपयोगकर्ता के पास मोबाइल नहीं है, लेकिन उसके 30 मीटर के दायरे में किसी अन्य के पास एंड्राइड मोबाइल है तो भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इस डिवाइस को अंगूठी, चेन और कंगन में पहनकर इस्तेमाल किया जा सकेगा। संकट के समय पैनिक बटन को 30 सेकेंड तक दबाना होगा। बटन दबते ही परिजनों और रिश्तेदारों के मोबाइल फोन पर मदद के लिए संदेश पहुंच जाएगा।
इस डिवाइस से कम से कम एक दर्जन लोगों को एक साथ संदेश भेजने की सुविधा मिलेगी। इसमें पुलिस और महिला हेल्पलाइन का नंबर भी शामिल हो सकता है। यह बाजार में बिक्री के लिए ऑनलाइन उपलब्ध है। एक ऑनलाइन शापिंग साइट पर इसकी कीमत करीब तीन हजार रुपये है।