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त्रिवेंद्र सरकार ने भरी उद्योगों में रफ्तार, जमीन पर उतारे 17 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट

Tue, 10 Sep 2019 06:32 PM IST
Advertorial Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 10 Sep 2019 06:32 PM IST
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uttarakhand Government filled pace in industries, investment opened way to prosperity and employment
Advertorial - फोटो : अमर उजाला
इन्वेस्टर्स समिट के बाद प्रदेश में निवेश के साथ रोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि समिट के केवल 10 माह की अवधि में 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है, जिससे लगभग 45 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 11 हजार से अधिक उद्यमों की स्थापना प्रदेश में हुई है, इनमें लगभग 80 हजार लोगों को रोजगार मिला। वर्ष 2018 में हुई इन्वेस्टर्स समिट के सकारात्मक नतीजे आने शुरू हो गए हैं। 
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समिट में 1.24 लाख करोड़ के एमओयू निवेशकों के साथ हुए थे। सिंगल विंडो के माध्यम से निवेश के हर आवेदन को ठीक से प्रोसेस किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि प्रदेश को अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। उद्यमियों को पर्वतीय क्षेत्रों की ओर आकर्षित करने के लिए कई नीतिगत बदलाव सरकार शुरू कर चुकी है। निवेश की संभावनाओं के साथ अब प्रदेश सरकार समन्वित निर्यात नीति तैयार कर रही है। राज्य स्तर पर निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी पहल एवं व्यवहारिक नीति निर्धारण पर भी बल दिया। 
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जरूरत है ऐसे क्षेत्रों को चिह्नित करने की। उत्तराखंड में निर्यातकों के अनुकूल अवस्थापना सुविधाओं के विकास की दिशा में भी पहल की जा रही है। जौलीग्रांट व पंतनगर हवाई अड्डे के विस्तार के साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में गौचर, चिन्यालीसौड, नैनीसैनी हवाई अड्डों को और भी अधिक सुविधाजनक बनाया जा रहा है। सरकार का फोकस सर्विस सेक्टर पर है, राज्य में फार्मा, आटोमोबाइल अदि क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं हैं। एग्रो बेस उद्यम भी ग्रामीण आर्थिकी के मजबूत आधार बन सकते हैं, इसके लिए मांग, उत्पादन व विपणन के लिए व्यवहारिक नीति तैयार करने से निर्यातकों को भी सहूलियत होगी।
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uttarakhand Government filled pace in industries, investment opened way to prosperity and employment
Advertorial - फोटो : अमर उजाला
त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड, ने कहा कि, "बैंगलोर में आयोजित आठवें इनवेस्ट नॉर्थ सम्मेलन के माध्यम से मैं निवेशकों को यह आश्वासन देना चाहता हूं कि उत्तराखण्ड सरकार निवेशकों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने हेतु तत्पर है और विशेष रूप से गत दो वर्षों में हमने राज्य में निवेश आकर्षित करने की दिशा में सुनियोजित प्रयास किए हैं। विकास की ओर अग्रसर, उत्तराखण्ड राज्य तेजी से निवेश के लिए मुख्य गंतव्य स्थल के रूप में विकसित हुआ है और यह देश के सबसे तेजी से बढ़ती राज्य अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।

उत्तराखण्ड में विनिर्माणक क्षेत्र के सकल घरेलू उत्पाद की विकास दर इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उत्तराखण्ड सरकार के डी.पी.आई.आई.टी. तथा विश्व बैंक द्वारा प्रस्तावित विभिन्न व्यावसायिक सुधार किए हैं। राज्य के पिछले कुछ वर्षों में 'ईज ऑफ डुईंग बिजनेस” की रैंकिंग में काफी सुधार किया है और वर्तमान में उत्तराखण्ड राज्य देश के शीर्ष राज्यों में सम्मिलित है। 

भारत के किसी भी पर्वतीय राज्य द्वारा किए गए व्यापार सुधारों के मामले में उत्तराखण्ड प्रथम स्थान पर है। इससे पता चलता है कि राज्य में निवेश के लिए बेहतर माहौल बना है।" प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुधारने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के तिए त्रिवेंद्र सरकार ने औद्योगिक निवेश की राह को बेहद आसान बना दिया है। नई नीतियां बनाकर और पुरानी नीतियों में संशोधन कर सरकार ने जो नया औद्योगिक वातावरण तैयार किया है, उसके सकारात्मक नतीजे सामने आने ठगे हैं। 

इंवेस्टर्स समिट के बाद कुछ ही महीनों में 17 हजार करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतार दिया गया है। पहली बार सरकार की नीतियों और इरादों में उत्तराखंड का पर्वतीय क्षेत्र उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल दिखा है। यही वजह है कि देश दुनिया के नामी निवेशकों ने पहाड़ में निवेश की गहरी रुचि दिखाई है । 
 

राज्य गठन के बाद त्रिवेंद्र सरकार ने उत्तराखंड को औद्योगिक-मानचित्र पर उभारने का प्रयास है। पहली बार इंवेस्टर्स समिट के माध्यम से सरकार ने राज्य को देश दुनिया के निवेशकों के सामने उत्तराखंड डस्टिनेशन के रूप में प्रस्तुत किया है। औद्योगिक विकास के पीछे सरकार का मकसद यह है कि प्रदेश में. नए उद्योग लगने से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलें। सरकार निवेशकों के लिए हर तरह की सहुलियत देने को तैयार है। जिससे निवेशकों को निवेश करने में किसी तरह की मुश्किल न आए। 

इंवेस्टर्स समिट में सरकार ने 1.24 लाख करोड़ के निवेश पर एमओयू हस्ताक्षरित किए। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र संह रावत की पहल पर राज्य गठन के 9 सालों के बाद देश दुनिया के नामी उद्योगपतियों ने उत्तराखंड में निवेश की इच्छा जताई है। अब तक सरकार 570 एमओयू पर 17 हजार करोड़ निवेश धरातल पर उतार चुकी है। जिसमें 45 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के हिसाब से सरकार ने निवेश के लिए सर्विस सेक्टर को चिन्हित किया है। जिसमें पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, आयुष व वेलनेस, आईटी, सोलर ऊर्जा सेक्टर प्रमुख है।

रोजगार की ओर बढ़ते कदम
7 जून 2019 तक विभिन्न उद्योगों में 80,000 लोगों को रोजगार
7 जून 2019 तक 11,02 उद्यमों की स्थापना

(Advertorial)

आईटी और ऑटोमोबाइल हब की ओर

उत्तराखंड सूचना प्रौद्योगिकी और ऑटोमोबाइल हब की तरफ आगे बढ़ रहा है।
प्रदेश सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण नीति बना कर निवेशकों
को प्रोत्साहित किया है। सरकार की नीतियों के कारण ही कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां
आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर में निवेश करने को तैयार हैं। उद्योगों की जरूरत
के हिसाब से सरकार उद्योगों के लिए भूमि का चयन कर रही है। प्रदेश में
इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण, संयोजन, संवर्द्चन और चा्जिंग, स्वेपिंग के लिए
अवस्थापना सुविधाओं के विकास में निवेश करने वाले उद्यमियों को सरकार की
ओर से वित्तीय प्रोत्साहन व अन्य लाभ दिए जाएंगे।
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