उत्तराखंड में मैगी पर लगा बैन, जांच में सैंपल फेल
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कई राज्यों में बिक्री पर रोक के बाद अब उत्तराखंड में भी मैगी नूडल्स की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। जांच में एक नमूना फेल होने के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने बिक्री पर रोक लगाने का फैसला लिया।
अब सभी जनपदों के नमूनों की जांच स्टेट ड्रग्स एंड फूड टेस्टिंग लैब रुद्रपुर से पूरी होने तक प्रदेश में मैगी की बिक्री नहीं होगी।
मंगलवार को पौड़ी जनपद की एक दुकान से मैगी का नमूना लिया गया था जिसे जांच के लिए रुद्रपुर लैब भेजा गया था। जांच में सैंपल में निर्धारित मात्रा से अधिक लेड (शीशा) और मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) पाया गया। राज्य में मैगी का सैंपल फेल होने की खबर मिलते ही शासन हरकत में आया।
50 से अधिक सैंपल की अभी आनी है रिपोर्ट
खाद्य सुरक्षा एवं मानक (पैकेजिंग एंड लेबलिंग) एक्ट 2011 के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलने से बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया।
गौरतलब है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसए) ने उत्तर प्रदेश में मैगी के सैंपल की जांच रिपोर्ट को आधार बनाते हुए सभी राज्यों को नूमने जांचने के दिशानिर्देश जारी किये हैं। केंद्र के निर्देश पर उत्तराखंड में सभी जनपदों से 50 से अधिक नमूने जांच के लिए रुद्रपुर लैब में भेजे हैं। नमूने की जांच में एक से डेढ़ सप्ताह का समय लग सकता है।
स्वास्थ्य सचिव का है कहना
स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर मैगी की बिक्री राज्य में रोक के आदेश जारी कर दिए हैं। एक सैंपल फेल हुआ है जबकि कुछ सैंपलों की प्रयोगशाला में जांच रिपोर्ट आनी है। अग्रिम आदेशों तक मैगी की बिक्री प्रदेश में नहीं होगी।
-ओम प्रकाश, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य