उत्तराखंड में सामान्य जाति के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू, ऐसा करने वाला बना दूसरा राज्य
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में सामान्य जाति के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू हो गया है। सरकार ने 5 फरवरी से उत्तराखंड लोक सेवा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण) अध्यादेश-2019 लागू कर दिया है। अब सरकारी पदों पर होने वाली भर्तियों में आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।
अपर मुख्य सचिव कार्मिक एवं सतर्कता राधा रतूड़ी ने बताया कि केंद्र के संविधान संशोधन के बाद 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। गुजरात के बाद उत्तराखंड दूसरा राज्य है, जहां यह आरक्षण युवाओं को मिलेगा।
Uttarakhand approves 10% reservation in education and employment opportunities for economically weaker sections. pic.twitter.com/JUPWIBJMC9
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 6, 2019
अध्यादेश समस्त विभागों, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग तथा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को प्रेषित किया है। इसी के आधार पर भर्तियों के लिए विज्ञापन जारी होंगे। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के पक्ष में उत्तराखंड राज्य के उन स्थायी निवासियों को आरक्षण प्राप्त होगा, जो अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और सामाजिक तथा शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की मौजूदा योजना के अंतर्गत शामिल नहीं हैं।
ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के व्यक्ति जिनके परिवारों की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय आठ लाख रुपये से कम हो आरक्षण के इस प्रयोजन के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों में चिन्हित हैं। आय की गणना वेतन, कृषि, व्यवसाय, पेशा आदि से प्राप्त आय शामिल की गई है। लाभार्थी को आवेदन के लिए वर्ष से पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए आय से संबंधित दस्तावेज देने होंगे।
सामाजिक वर्गों के आरक्षण से छेड़छाड़ किए बिना उत्तराखंड में सामान्य गरीबों के लिए शिक्षण संस्थानों व नौकरियों में 10% आरक्षण लागू कर दिया गया है। उत्तराखंड ऐसे प्रावधान वाला दूसरा राज्य बना है। सभी वर्गों के गरीबों का ख्याल रखने के लिए प्रधानमंत्री @narendramodi जी का धन्यवाद।
— त्रिवेंद्र सिंह रावत (@tsrawatbjp) February 6, 2019