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विवादित अधिकारी पर क्यों हुई मेहरबानी?
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 30 May 2014 10:24 AM IST
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उत्तराखंड में पहले से ही विवादों में घिरे रहे आवास संघ में अब चर्चाओं में रहे एक अधिकारी को बाकायदा एमडी बनाकर बिठा दिया गया। हद तो यह है कि यह अधिकारी इसी साल सितंबर में सेवानिवृत्त हो रहा है और एक मामले में जमानत पर है।
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जांच फिलहाल ठंडे बस्ते में
आवास संघ का गठन पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कार्यकाल में कैबिनेट फैसले के जरिये हुआ था। गठन के साथ ही यह संघ विवादों में आ गया था। गठन के समय कहा गया था कि संघ सस्ते घर उपलब्ध कराएगा। पर हाल यह हुए कि संघ पर बिना जमीन की व्यवस्था किए हुए दिल्ली और मुंबई में कार्यालय खोलकर फ्लेट बेचने का आरोप लगा। इस पर खासा विवाद हुआ और तीन अलग-अलग मामलों में जांच हुई। जांच फिलहाल ठंडे बस्ते में हैं।
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इस पर अब एक और कारनामा कर दिया गया। कई बार विवादों में रहे सहायक निबंधक सहकारिता उमराव सिंह सैनी को अब आवास संघ का एमडी बना दिया गया। जितना दिलचस्प आवास संघ का इतिहास है उतना ही दिलचस्प उमराव सिंह सैनी का इतिहास भी है। सैनी एक नहीं करीब एक दर्जन मामलों में विवादित रहे हैं।
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सैनी हमेशा विवादों में रहे
2010 में उधमसिंहनगर में गेहूं खरीद के मामले में भी सैनी लपेटे में आए थे। एडीएम की जांच रिपोर्ट में सैनी पर अंगुली भी उठी थी। जिलाधिकारी एमसी उप्रेती ने शासन से जांच के लिए भी कहा था। जिलाधिकारी की ओर से शासन को भेजे गए पत्र में साफ कहा गया कि सैनी हमेशा विवादों में रहे हैं लिहाजा इनका स्थानांतरण किया जाए और इनके खिलाफ जांच की जाए।
पर मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इससे पहले चंपावत में सहायक निबंधक रहते हुए सैनी पंचायत चुनाव के दौरान गागर ग्राम सभा में सहायक निर्वाचन अधिकारी भी बने थे। उस समय सैनी पर चुनाव परिणाम पलट देने का आरोप लगा था। हाईकोर्ट के निर्देश पर फिर से मतगणना हुई थी और सैनी ने जिस उम्मीदवार को हारा हुआ घोषित किया था वह जीत गया था।
सैनी जून 2013 में हरिद्वार में सहायक निबंधक रहते हुए एक बार फिर चर्चाओं में आए। सैनी को उस समय शिकायत पर विजीलैंस ने एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। सैनी का कहना था कि उसे मिलकर फंसाया गया है।
आवास संघ का एमडी बना दिया गया
फिलहाल इसी मामले में सैनी हाईकोट से जमानत पर हैं। हद तो यह रही कि सैनी के जेल से बाहर निकलते ही उनकी बहाली में भी देर नही हुई। उस पर सितंबर 2014 में रिटायर हो रहे सैनी को अब आवास संघ का एमडी बना दिया गया। हैरान करने वाली बात यह भी रही कि सैनी एक के बाद एक विवादों में उलझते रहे और उन्हें एक के बाद एक मामलों में बचाया जाता रहा।
हरिद्वार में विजीलेंस की जांच टीम के शिकंजे में आए सैनी को 23 जनवरी 2013 को जिला सहायक निबंधक हरिद्वार के पद से निलंबित किया गया। हाईकोर्ट में जमानत स्वीकार होने पर सैनी 29 अगस्त को जेल से रिहा हुए और 30 अगस्त 2013 को सैनी ने अपनी बहाली के लिए सचिव सहकारिता को लिखा।
सैनी को कुछ समय बाद ही बहाल कर दिया गया और टिहरी जिला सहकारी बैंक से संबद्ध कर हरिद्वार में ही रहने दिया गया। मार्च माह में आवास संघ का एमडी बना दिया गया। चोर की दाड़ी में तिनका इस कदर उलझा हुआ है कि आवास संघ का जिक्र होते ही अधिकारी विषय बदल देते हैं और मंत्री को कोई और चिंता सताने लगती है।