ग्रेटा संग पर्यावरण बचाने की जंग लड़ रही हरिद्वार की बेटी रिद्धिमा, यूएन में दर्ज करा चुकीं वाद
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पर्यावरण बचाने की जंग से दुनिया भर में सुर्खियां बटोर रहीं ग्रेटा थनबर्ग की टीम में हरिद्वार की बेटी रिद्धिमा पांडेय भी शामिल हैं। वह भी न्यूयॉर्क में यूएन के उस क्लाइमेट एक्शन समिट में शामिल हुई हैं, जो पर्यावरण संरक्षण के नजरिये से बेहद अहम माना जा रहा है।
हरिद्वार के बीएम डीएवी पब्लिक स्कूल की महज 11 साल की छात्रा रिद्धिमा दुनिया के उन चुनिंदा 16 बच्चों में शामिल हैं, जिन्होंने ग्रेटा थनबर्ग के साथ ग्लोबल वार्मिंग से पर्यावरण को हो रहे नुकसान को लेकर संयुक्त राष्ट्र में शिकायत दर्ज कराई है।
रिद्धिमा पांडेय ने वर्ष 2013 में आई केदारनाथ आपदा को करीब से देखा। इसके बाद ही उनका ध्यान जलवायु परिवर्तन की ओर गया। उन्होंने जलवायु में बदलाव और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की थी।
हिमगिरि कॉलोनी में रहने वाली रिद्धिमा के पिता वन विभाग से जुड़े हैं। रिद्धिमा जब नैनीताल से हरिद्वार आईं थीं, तब यहां लाखों की तादाद में आने वाले कांवड़ियों की भीड़ के मौसम पर पड़ने वाले असर ने उनका ध्यान खींचा।
उन्होंने हरिद्वार की अलग-अलग जगहों पर बारिश की वजह से होने वाली दिक्कतों का भी बारीकी से अध्ययन किया। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रही हरिद्वार की इस बेटी पर सभी को नाज है। स्थानीय लोग भी उनकी उपलब्धियों से बेहद प्रभावित हैं। स्थानीय पार्षद अनिरुद्ध भाटी के मुताबिक, रिद्धिमा अपने पापा और मम्मी के साथ अभी न्यूयॉर्क में हैं।