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शिखर पर बेटियां : मुस्कान होंगी सीमांत जिले से पहली महिला पायलट, सोर की बेटी एवरेस्ट फतह को तैयार

Tue, 14 May 2019 06:28 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाजा, पिथौगराढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाजा, पिथौगराढ़ Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 14 May 2019 06:28 PM IST
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Uttarakhand Girl muskan first woman pilot in Frontier district shital climb everest
पायलट मुस्कान/ शीतल - फोटो : अमर उजाला

देवभूमि उत्तराखंड में कुमाऊं की दो बेटियों ने न सिर्फ क्षेत्र बल्कि प्रदेश और देश का मान भी बढ़ाया है। सीमांत जिले पिथौरागढ़ के सोन गांव की मुस्कान ने व्यावसायिक विमान उड़ाने का लाइसेंस हासिल कर ‘ऊंची उड़ान’ भरी है।

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मुस्कान ने 200 घंटे विमान उड़ाने का प्रशिक्षण पूरा कर व्यावसायिक विमान उड़ाने का लाइसेंस हासिल कर लिया है। वह जिले की पहली महिला पायलट होंगी। वहीं, सोर निवासी दूसरी बेटी शीतल माउंट एवरेस्ट फतह करने निकल पड़ी हैं। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो वह 16 मई को एवरेस्ट की चोटी पर होंगी।
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शालू दताल, अमर उजाला, धारचूला
दारमा घाटी के सोन गांव की मुस्कान सिंह जल्द व्यावसायिक विमान उड़ाएंगी। वह सीमांत जिला पिथौरागढ़ की पहली महिला पायलट होंगी। दारमा घाटी के सोन गांव निवासी भूप सिंह सोनाल की बेटी मुस्कान सिंह सोनाल ने लखनऊ से वर्ष 2015 में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की।

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उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान एकेडमी रायबरेली से कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस  (सीपीएल) के लिए आवेदन किया। एकेडमी में ढाई वर्ष के प्रशिक्षण के बाद मुस्कान ने सीपीएल का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। 200 घंटे तक विमान उड़ाने के बाद मुस्कान को व्यावसायिक फ्लाइट का लाइसेंस मिल गया है। 


सेना में जाकर देश सेवा करना चाहती हैं मुस्कान सिंह
व्यावसायिक विमान उड़ाने का लाइसेंस हासिल करने वाली मुस्कान सिंह सेना में जाकर देश सेवा करना चाहती हैं। रं कल्याण संस्था के मुख्य संरक्षक नृप सिंह नपलच्याल और दिलिंग दारमा सेवा समिति के अध्यक्ष पूरन सेलाल ने कहा कि मुस्कान की इस सफलता से अन्य बच्चों को भी प्रेरणा मिलेगी।

 

मुस्कान के पिता एसबीआई झारखंड में चीफ मैनेजर हैं। माता बसंती सोनाल गृहणी हैं। बड़ी बहन ज्योत्स्ना डीयू में सहायक प्रवक्ता हैं। छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है। बता दें कि धारचूला के व्यास घाटी के गर्ब्यांग गांव निवासी माउंट एवरेस्ट विजेता योगेश सिंह ने भी कॉमर्शियल पायलट का लाइसेंस प्राप्त किया है। चौदास घाटी के सोसा निवासी अतुल सिंह ह्यांकी भी सेना में सुखोई जहाज उड़ा रहे हैं। 

सोर की बेटी एवरेस्ट फतह को तैयार

सोर (पिथौरागढ़) की बेटी शीतल सोमवार को बेस कैंप से एवरेस्ट समिट के लिए निकल गईं हैं। शीतल के कोच एवरेस्ट विजेता धारचूला निवासी योगेश गर्ब्याल ने बताया कि 15 मई की रात ही शीतल एवरेस्ट की चोटी को फतह के लिए निकल जाएगी। उम्मीद है कि वह 16 मई को एवरेस्ट की चोटी पर पहुंच जाएंगी। 


सोमवार को शीतल एवरेस्ट के बेस कैंप से चलकर समुद्र तल से 6300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कैंप-2 पहुंच गई हैं। मंगलवार को उनके 7400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कैंप-3 पर पहुंचने का लक्ष्य है। 15 मई को 8000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कैंप-4 पर पहुंचने का लक्ष्य है। 

शीतल में है गजब का हौसला
एवरेस्ट समिट के लिए निकलीं शीतल के कोच एवरेस्ट विजेता धारचूला निवासी योगेश गर्ब्याल ने बताया कि शीतल में गजब का हौसला है। बता दें कि शीतल पांच अप्रैल को काठमांडू से एवरेस्ट के बेसकैंप के लिए रवाना हुईं थीं। वह 15 अप्रैल को बेस कैंप पहुंचीं। उन्होंने 12 मई तक बेस कैंप में अन्य पर्वतारोहियों के साथ रॉक क्लाइबिंग का अभ्यास किया।

शीतल के नाम है कंचनजंगा फतह करने का विश्व रिकार्ड
शीतल 2017 में विश्व की तीसरी सबसे ऊंची चोटी कंचनजंगा को सबसे कम 22 वर्ष की उम्र में फतह करने का विश्व रिकार्ड बना चुकी हैं। वह कंचनजंगा के साथ ही तमाम चोटियों को फतह कर चुकी हैं। शीतल का परिवार जिला मुख्यालय के नजदीक रहता है। शीतल के अभियान पर सीमांत जिले के लोगों की निगाह लगी हुई है।

(कालिका रावल, अमर उजाला, पिथौरागढ़)

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