देवभूमि की छवि देश की बेटियों की लिए बनी मिसाल, लोको पायलट बनकर चलाएगी ट्रेन
- रुड़की क्षेत्र से लोको पायलट के लिए चयनित होने वाली छवि हैं पहली बेटी।
- परीक्षा में 70 लाख अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन। 65 हजार का हुआ है चयन
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उत्तराखंड के रुड़की की बेटी छवि ने देश की बेटियों के लिए मिसाल कायम की है। छवि का चयन लोको पायलट के लिए हुआ है। अब वे ट्रेन चलाएंगी। छवि रुड़की क्षेत्र की अकेली ऐसी लड़की है, जिसका चयन लोको पायलट के रूप में हुआ है।
छवि कैंथ ने अपनी इस कामयाबी से न केवल परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि शहर की अन्य बेटियों के लिए भी मिसाल कायम की है। छवि के पिता अनिल कैंथ रुड़की स्थित लॉर्ड कृष्णा पब्लिक स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा के बाद सरकारी नौकरी की कर रही थीं तलाश
उनकी दो बेटियां है। बड़ी बेटी छवि कैंथ ने रुड़की के केएल पॉलिटेक्निक से इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा किया है। इसके बाद छवि सरकारी नौकरी की तलाश में थीं। उन्होंने लोको पायलट बनने के लिए आवेदन किया।
छवि कैंथ के पिता अनिल कैंथ ने बताया कि इस परीक्षा में 70 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। जिसमें से 65 हजार का चयन हुआ है। उन्होंने बताया कि छवि कैंथ रुड़की के साथ आसपास के देहात क्षेत्र से भी पहली महिला लोको पायलट होंगी। छवि कैंथ ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपनी माता-पिता को दिया है। छवि के चयन पर पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।